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AI से फिल्म बनाना होगा आसान “स्पार्कस्टेशन” अब मचाएगा धूम

नई दिल्ली। वर्से इनोवेशन ने फिल्म एक्सपो 2026 में अपने पहले वैश्विक एआई कंटेंट प्लेटफॉर्म ‘स्पार्कस्टेशन’ का अनावरण किया। डेलीहंट और जोश की पैरेंट कंपनी वर्से इनोवेशन का यह नया प्लेटफॉर्म कंटेंट प्रोडक्शन के पूरे प्रोसेस को एक ही जगह पर पूरा करने की क्षमता रखता है। कंपनी के अनुसार, स्पार्कस्टेशन को एक नेक्स्ट-जेनरेशन एआई कंटेंट ऑपरेटिंग सिस्टम के रूप में विकसित किया गया है, जो आइडिया से लेकर फाइनल डिलीवरी तक के पूरे कंटेंट निर्माण को आसान और तेज बनाता है। यह प्लेटफॉर्म स्क्रिप्टिंग, स्टोरीबोर्डिंग, कास्टिंग, लोकेशन डिजाइन, एसेट जनरेशन, मल्टी-एंगल शूट, म्यूजिक और डायलॉग प्रोडक्शन, एडिटिंग, कैप्शनिंग और डिस्ट्रीब्यूशन जैसे सभी कार्य एक ही प्लेटफॉर्म पर करने की सुविधा देता है।   “स्पार्कस्टेशन” की खासियत इसका मॉडल-अग्नोस्टिक एआई सिस्टम है, जो हर क्रिएटिव टास्क के लिए सबसे उपयुक्त एआई मॉडल का चयन करता है, जिससे काम की गुणवत्ता और स्पीड दोनों बेहतर होती हैं। कंपनी का दावा है कि इस प्लेटफॉर्म की मदद से 60 सेकंड की ब्रांड फिल्म की लागत में 90 प्रतिशत तक की कमी लाई जा सकती है—जो पहले ₹10–25 लाख होती थी, वह घटकर करीब ₹50,000–₹75,000 तक आ सकती है। वहीं, प्रोडक्शन टाइम भी कई हफ्तों से घटकर लगभग 24 घंटे रह जाता है। यह प्लेटफॉर्म मुख्य रूप से तीन वर्गों के लिए तैयार किया गया है—फिल्ममेकर्स और प्रोडक्शन हाउस, ब्रांड्स और एजेंसियां, तथा डिजिटल क्रिएटर्स। फिल्ममेकर्स इसमें स्टोरी बिल्डिंग, स्क्रिप्ट एनालिसिस, कास्टिंग और एडिटिंग जैसे फीचर्स का उपयोग कर सकते हैं, साथ ही प्रीमियर प्रो, फाइनल कट प्रो और डेविंसी रिजॉल्व जैसे इंडस्ट्री टूल्स के साथ इंटीग्रेशन भी उपलब्ध है। ब्रांड्स और एजेंसियां कम समय में बड़े स्तर पर क्रिएटिव कैंपेन तैयार कर सकती हैं, जबकि क्रिएटर्स को स्टूडियो-ग्रेड आउटपुट क्रेडिट-बेस्ड मॉडल के जरिए मिलता है। प्लेटफॉर्म की प्रमुख विशेषताओं में पूरी तरह इंटीग्रेटेड प्रोडक्शन पाइपलाइन, फेस और एक्सप्रेशन जैसी डिटेल्स में कंटीन्यूटी, 60 से अधिक भाषाओं का सपोर्ट और क्रिएटर-फर्स्ट डिजाइन शामिल हैं। लॉन्च के मौके पर कंपनी के को-फाउंडर और सीईओ उमंग बेदी ने कहा, “स्पार्कस्टेशन” सिर्फ कंटेंट को सस्ता बनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह उन कहानियों को संभव बनाता है जो पहले प्रोडक्शन सीमाओं के कारण नहीं बन पाती थीं। लागत और समय की बाधाओं को दूर कर हम क्रिएटिविटी के नए अवसर खोल रहे हैं।” कंपनी ने बताया कि इस प्लेटफॉर्म का पिछले छह महीनों से आंतरिक परीक्षण किया जा रहा है और इसे लाइव प्रोडक्शन में भी उपयोग किया जा रहा है। “स्पार्कस्टेशन”को चरणबद्ध तरीके से लॉन्च किया जाएगा—29 अगस्त से बीटा एक्सेस, 1 अक्टूबर से सामान्य उपलब्धता और 1 नवंबर से एंटरप्राइज API लॉन्च किया जाएगा। अगले 24 महीनों में 30 मिलियन डॉलर से अधिक के निवेश के साथ, कंपनी का लक्ष्य इस प्लेटफॉर्म के जरिए 100 से अधिक स्टूडियो, 1,000 ब्रांड्स और हजारों क्रिएटर्स को जोड़ना है। वर्से इनोवेशन,, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के जरिए लोकल लैंग्वेज कंटेंट को बढ़ावा देती है, पहले से ही भारत में करोड़ों यूजर्स को सेवाएं दे रही है। ‘स्पार्क स्टेशन’ के लॉन्च के साथ कंपनी वैश्विक स्तर पर कंटेंट क्रिएशन के तरीके को बदलने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा रही है।

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नई विजुअल और सोनिक आइडेंटिटी के साथ क्रॉम्पटन ने पेश किया नया ब्रांड प्रॉमिस; सुपर-प्रीमियम ब्रांड ‘Crompton Rhion’ लॉन्च करने के साथ Energion को भी किया मजबूत

अगस्त 2026: भारत की अग्रणी कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल कंपनियों में शामिल क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड ने आज अपनी नई मास्टर ब्रांड आइडेंटिटी का अनावरण किया। यह क्रॉम्पटन 2.0 के तहत कंपनी के अगले चरण की शुरुआत को दर्शाता है, जिसमें कंपनी खुद को एक इनोवेशन-लेड और कंज्यूमर-सेंट्रिक बिजनेस के रूप में आगे बढ़ा रही है। पिछले एक दशक में क्रॉम्पटन ने टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट इनोवेशन में लगातार निवेश करते हुए अपनी पारंपरिक प्रमुख श्रेणियों से आगे विस्तार किया है। नई ब्रांड आइडेंटिटी इसी बिजनेस बदलाव को दर्शाती है और कंपनी को एक यूनिफाइड प्लेटफॉर्म प्रदान करती है, जो इनोवेशन, प्रीमियमाइजेशन और दीर्घकालिक विकास के अगले चरण को गति देने में मदद करेगा। क्रॉम्पटन की नई आइडेंटिटी के केंद्र में ‘Cephyr’ (उच्चारण: सैफायर) है, जो क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड का नया एंब्लेम और प्रमुख विजुअल एक्सप्रेशन है। ‘Cephyr’ नाम दो प्रभावशाली स्रोतों से प्रेरित है—सैफायर के गहरे और टिकाऊ नीले रंग तथा ग्रीक पवन देवता Zephyrus की सौम्य हवा से। यह नाम देखभाल, गुणवत्ता, परिष्कार और कालातीतता को सहज गरिमा और शांत ऊर्जा के साथ व्यक्त करता है। Cephyr क्रॉम्पटन के एक डिजाइन-फॉरवर्ड ब्रांड के रूप में बदलाव का प्रतीक है, जहां फ्लूडिटी, अनुकूलनशीलता और एस्थेटिक सॉफिस्टिकेशन हर टचपॉइंट का हिस्सा हैं। इसके एंब्लेम में भी कई स्तरों पर अर्थ समाहित हैं। इसमें ‘C’ Consumer, Customer, Care, Connectivity और Crompton को दर्शाता है, जो कंज्यूमर-सेंट्रिक इनोवेशन और कनेक्टेड लिविंग एक्सपीरियंस के प्रति ब्रांड की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। ‘C’ के ऊपरी हिस्से से निकलती हुई सुंदर वक्र रेखा जिम्मेदारी और निरंतर आगे बढ़ने के प्रति ब्रांड की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वहीं ‘C’ के भीतर से उभरकर बाहर की ओर बढ़ता इन्फिनिटी सिंबल सीमाओं से आगे बढ़ते हुए लगातार इनोवेशन की दिशा में आगे बढ़ने की क्रॉम्पटन की यात्रा का प्रतीक है। Cephyr को 12 सर्कल्स की मदद से तैयार किया गया है, जिनमें से प्रत्येक वर्ष के एक महीने का प्रतिनिधित्व करता है। यह इस बात को दर्शाता है कि क्रॉम्पटन पूरे साल उपभोक्ताओं के साथ बदलते मौसमों के बीच मौजूद रहता है—भीषण गर्मियों में कूलिंग, सर्दियों में गर्माहट, त्योहारों में रोशनी और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने वाली सुविधाओं के जरिए। सर्कुलर और फ्लोइंग डिजाइन मौसमों के चक्र और बदलती उपभोक्ता जरूरतों के अनुसार क्रॉम्पटन की सहज अनुकूलन क्षमता को दर्शाता है। यह ब्रांड के उस दृष्टिकोण को भी सामने लाता है, जिसके तहत वह पूरे साल उपभोक्ताओं की जरूरत के अनुरूप खुद को ढालते हुए उनके साथ बना रहता है। Cephyr के साथ क्रॉम्पटन ने अपना नया ब्रांड प्रॉमिस—‘Amazing, Every Day.’ भी पेश किया है। यह टैगलाइन महज शब्दों से कहीं आगे बढ़कर रोजमर्रा की जिंदगी को सार्थक इनोवेशन और भरोसेमंद प्रदर्शन के जरिए बेहतर बनाने के ब्रांड के वादे को सामने रखती है। ‘Amazing’ ऐसे सुखद और सहज अनुभवों को दर्शाता है, जो रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर, आसान और अधिक आनंददायक बनाते हैं। यह किसी दिखावटी भव्यता की बात नहीं, बल्कि ऐसे सोच-समझकर किए गए बदलावों का प्रतिनिधित्व करता है, जो रोजमर्रा के जीवन में वास्तविक फर्क पैदा करते हैं। वहीं ‘Every Day’ भरोसे और निरंतर मौजूदगी को दर्शाता है—एक ऐसा वादा, जिसके तहत क्रॉम्पटन रोजमर्रा की जिंदगी में लगातार मूल्य और बेहतर अनुभव प्रदान करता है। टैगलाइन में शामिल डिजाइन डिटेल्स भी क्रॉम्पटन की ब्रांड स्टोरी को आगे बढ़ाती हैं। ‘Amazing’ में ‘i’ को हल्के बदलाव के साथ Wi-Fi सिंबल की तरह डिजाइन किया गया है, जो स्मार्ट, इंटेलिजेंट और कनेक्टेड इकोसिस्टम के प्रति क्रॉम्पटन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वहीं ‘Every Day’ में ‘E’ का डिजाइन Electrical Plug और Power Button सिंबल से प्रेरित है। यह क्रॉम्पटन की 85 वर्षों से अधिक पुरानी इलेक्ट्रिकल विरासत और भारतीय घरों को पावर देने वाली उसकी मूल पहचान को दर्शाने वाला एक विचारपूर्ण संकेत है। विजुअल बदलाव के साथ क्रॉम्पटन ने अपनी डिस्टिंक्टिव सोनिक आइडेंटिटी भी पेश की है, जो ब्रांड के लिए एक अलग ऑडिटरी सिग्नेचर तैयार करेगी। यह सोनिक ब्रांडिंग विज्ञापनों और डिजिटल प्लेटफॉर्म से लेकर प्रोडक्ट एक्सपीरियंस और रिटेल एनवायरनमेंट तक विभिन्न कंज्यूमर टचपॉइंट्स पर ब्रांड की पहचान और रिकॉल को मजबूत करेगी, जिससे एक कोहेसिव मल्टीसेंसरी ब्रांड एक्सपीरियंस तैयार होगा। इस अवसर पर क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ, प्रोमीत घोष ने कहा, “होम सॉल्यूशंस इंडस्ट्री बदलाव के एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रही है, जहां सोच-समझकर किए गए इनोवेशन, सहज अनुभव और भरोसेमंद सॉल्यूशंस के जरिए रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाया जा रहा है। हमारा मानना है कि भविष्य के सबसे मजबूत ब्रांड किसी एक कैटेगरी से नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं की रोजमर्रा की जिंदगी में अपनी भूमिका से पहचाने जाएंगे। यही सोच क्रॉम्पटन 2.0 के पीछे है—एक डायवर्सिफाइड, इनोवेशन-लेड होम सॉल्यूशंस बिजनेस के रूप में हमारा रणनीतिक बदलाव। पिछले एक दशक में हमने अपनी पारंपरिक श्रेणियों से आगे विस्तार किया है, अपनी इनोवेशन क्षमताओं को मजबूत किया है और ऐसा पोर्टफोलियो तैयार किया है, जो भारतीय उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों के अनुरूप है। साथ ही, हम उस भरोसे पर कायम हैं, जो 85 वर्षों से अधिक समय से क्रॉम्पटन की पहचान रहा है। हमारी नई ब्रांड आइडेंटिटी केवल विजुअल बदलाव नहीं है। Cephyr, नई टैगलाइन और डिस्टिंक्टिव सोनिक आइडेंटिटी के जरिए हम क्रॉम्पटन के लिए एक फ्यूचर-रेडी आइडेंटिटी तैयार कर रहे हैं। यह नई आइडेंटिटी हमारी महत्वाकांक्षा और इस विश्वास को मजबूत करती है कि हम कंज्यूमर प्रेफरेंस को और गहरा करें, अपनी प्रीमियमाइजेशन जर्नी को गति दें और उपभोक्ताओं, पार्टनर्स तथा शेयरहोल्डर्स के लिए दीर्घकालिक मूल्य तैयार करें।” क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर, तन्मय प्रस्ती ने कहा, “क्रॉम्पटन पिछले कुछ वर्षों में काफी विकसित हुआ है और हमारी नई ब्रांड आइडेंटिटी इसी बदलाव को दर्शाती है। यह एक यूनिफाइड ब्रांड सिस्टम है, जिसमें हमारी विजुअल और सोनिक आइडेंटिटी शामिल है और जिसका उद्देश्य उपभोक्ताओं के लिए एक अधिक विशिष्ट ब्रांड एक्सपीरियंस तैयार करना है। इसके साथ ही, हम अलग-अलग सेगमेंट में बदलती उपभोक्ता जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने ब्रांड प्लेटफॉर्म को भी और मजबूत कर रहे हैं।”

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निप्पो ने एयरव्यू की देशव्यापी लॉन्चिंग के साथ एयर प्यूरीफिकेशन मार्केट में रखा कदम

मेडक्योर टेक्नोलॉजीज का अधिग्रहण इनडोर एयर हेल्थ सॉल्यूसंस सेक्टर में निप्पो के कदम रखने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है, इसी के साथ कंपनी ने नई इनडोर एयर इंटेलिजेंस रेंज पेश की है कंपनी को उम्मीद है कि एयर केयर पोर्टफोलियो के विस्तार के साथ वित्त वर्ष 2029-30 तक राजस्व में 100 करोड़ रुपये का योगदान देगा एयरव्यू नई दिल्ली :  निप्पो ब्रांड की मूल कंपनी इंडो नेशनल लिमिटेड (आईएनएल) ने आज देशभर में निप्पो एयरव्यू को लॉन्च करने की घोषणा की। इस लॉन्चिंग के साथ कंपनी ने इनडोर एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग और प्यूरीफिकेशन सेगमेंट में कदम रखा है। यह लॉन्चिंग एक पारंपरिक बैटरी ब्रांड से आगे बढ़ते हुए एक विविधीकृत और उपभोक्ताओं को केंद्र में रखने वाली कंपनी बनने की दिशा में निप्पो के सफर का अहम हिस्सा है। होम एवं कंज्यूमर टेक्नोलॉजी सेगमेंट में ब्रांड की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है। हेल्थकेयर इस समय एक फोकस सेक्टर के रूप में उभर रहा है और ऐसे में कंपनी का उद्देश्य टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन का लाभ उठाकर ऐसे सॉल्यूसंस विकसित करना है, जो उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों और वेलनेस संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करे।   *एक नई ग्रोथ कैटेगरी का निर्माण* आईएनएल के लिए एयर प्यूरीफिकेशन के एक महत्वपूर्ण बिजनेस वर्टिकल के रूप में उभरने की उम्मीद है। कंपनी का अनुमान है कि एयरव्यू वित्त वर्ष 2029-30 में राजस्व में 100 करोड़ रुपये का योगदान देगा, जो कुल राजस्व का लगभग 10 प्रतिशत होगा। अगले 5 वर्षों में निप्पो का लक्ष्य एयर प्यूरीफिकेशन और इनडोर एयर इंटेलिजेंस सेगमेंट में 15 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल करना है। घरों, कार्यस्थलों, हेल्थकेयर सेक्टर और सस्टेनेबल ग्रीन बिल्डिंग्स में इनडोर एयर क्वालिटी को लेकर बढ़ती जागरूकता से इसे समर्थन मिल रहा है। आईआरएफआई ग्रुप के अनुसार, 2034 तक भारतीय एयर प्यूरीफायर बाजार के 1.82 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जो 13.54 प्रतिशत की सीएजीआर से बढ़ेगा।   इंडो नेशनल लिमिटेड के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर श्री आदित्य रेड्डी ने कहा, “एयर प्यूरीफिकेशन में हमारा कदम रखना उपभोक्ताओं की नई जरूरतों की पहचान करने और प्रासंगिक एवं टेक्नोलॉजी आधारित कैटेगरी विकसित करने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है। निप्पो की मजबूत ब्रांड विश्वसनीयता, देशव्यापी इकोसिस्टम और उपभोक्ताओं के विश्वास का लाभ उठाते हुए एयरव्यू, हमें उपभोक्ताओं के बड़े वर्ग तक एक अलग और विशिष्ट समाधान पहुंचाने में सक्षम बनाता है। हमें इस श्रेणी के विस्तार और होम टेक्नोलॉजी तथा कंज्यूमर सॉल्यूसंस का एक व्यापक पोर्टफोलियो बनाने की बड़ी संभावना दिख रही है।”   मेडक्योर मेडिकल सॉल्यूसंस प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक श्री पॉल प्रदीप ने कहा, “एयरव्यू को इनडोर एयर क्वालिटी को मापने योग्य और उस आधार पर काम करने लायक बनाया गया है। कनेक्टेड मॉनिटरिंग, स्मार्ट प्यूरीफिकेशन और एडवांस्ड फिल्ट्रेशन को साथ लाते हुए यह यूजर्स को अपने इनडोर इकोसिस्टम को समझने, जरूरी कदम उठाने और उसके नतीजों को ट्रैक करने में सक्षम बनाता है। निप्पो की व्यापकता एवं पहुंच से इस तकनीक को उपभोक्ताओं के बड़े वर्ग तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।”   एयरव्यू की प्रमुख विशेषता – चार स्मार्ट वेरिएंट: L301S, M601S, U801S और U1001S, जो 300-1,500 वर्ग फुट तक के एरिया को कवर करते हैं – टू हेपा और एक्टिवेटेड कार्बन के साथ 4-स्टेज फिल्ट्रेशन – 99.9 प्रतिशत माइक्रोब्स को खत्म करने के लिए डिजाइन की गई पेटेंटेड नैनो ऑर्गेनिक लेयर – 254 नैनोमीटर यूवी-सी एलईडी और सिंसिमक निगेटिव आयन जनरेटर – स्मार्ट ऐप कनेक्टिविटी, अलर्ट और ओवर-द-एयर अपडेट्स। – डेडिकेटेड एयर क्वालिटी मॉनिटर, जिनमें एक्यूएम प्रो 9-पैरामीटर भी शामिल है। – चार प्रोप्राइटरी इंडेक्स, जो एयर क्वालिटी, हेल्थ, प्रोडक्टिविटी और एनर्जी को कवर करते हैं।   *एयर प्यूरीफायर से आगे: होम टेक्नोलॉजी पोर्टफोलियो का निर्माण* मेडक्योर मेडिकल सॉल्यूसंस प्राइवेट लिमिटेड (एमएमएसपीएल) द्वारा विकसित एवं निर्मित तथा अप्रैल 2025 में आईएनएल द्वारा अधिग्रहित एयरव्यू, टेक्नोलॉजी-आधारित इनडोर एयर और होम सॉल्यूसंस का एक इंटीग्रेटेड पोर्टफोलियो बनाने की व्यापक रणनीति की दिशा में पहला कदम है। कंपनी की योजना धीरे-धीरे डीह्यूमिडिफायर्स, ह्यूमिडिफायर्स, एनर्जी रिकवरी वेंटिलेशन सिस्टम, एचवीएसी एवं एसी फिल्टर्स, कार एयर प्यूरीफायर्स तथा हर्बल एयर केयर प्रोडक्ट्स के क्षेत्र में विस्तार करने की है। साथ ही एंटरप्राइज एयर इंटेलिजेंस सॉल्यूसंस भी विकसित किए जाएंगे।   आईएनएल की योजना एयरव्यू पोर्टफोलियो में लोकलाइजेशन को भी चरणबद्ध तरीके से बढ़ाने की है। इसमें असेंबली, टेस्टिंग, फिल्टर कोटिंग, क्वालिटी एश्योरेंस और पैकेजिंग जैसे काम शामिल होंगे। इसके बाद दीर्घकालिक मेक इन इंडिया स्ट्रेटजी के तहत पीसीबी और एसएमटी क्षमताओं को भी विकसित किया जाएगा। एयरव्यू को पूरे भारत में निप्पो के डीलर एवं डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क, डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर वेबसाइट तथा प्रमुख ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, कंपनी हेल्थकेयर, कॉर्पोरेट्स, हॉस्पिटैलिटी, शिक्षा, रियल एस्टेट और सरकारी क्षेत्रों में अपना इंस्टीट्यूशनल बिजनेस भी विकसित करेगी।

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हांगकांग के ईडीवेंचर्स 2026 में गलगोटिया विश्वविद्यालय के भारतीय छात्रों को ग्लोबल पहचान, 10 देशों की 19 टीमों के बीच हासिल की बड़ी सफलता

ग्रेटर नोएडा : गलगोटिया विश्वविद्यालय के छात्रों ने ईडीवेंचर्स 2026 में शीर्ष स्थान प्राप्त कर ग्लोबल स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। ​​यह एक ग्लोबल इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप कॉम्पिटिशन है जिसे द एजुकेशन यूनिवर्सिटी ऑफ़ हांगकांग ने होस्ट किया था। इसमें दुनिया भर की विश्वविद्यालयों के यंग इनोवेटर्स ने यूनाइटेड नेशंस सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स के हिसाब से सॉल्यूशन पेश किए। 10 देशों की 19 टीमों के साथ मुकाबला करते हुए, गलगोटिया विश्वविद्यालय की दो छात्र टीमों ने इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर भारत को रिप्रेजेंट किया और एक्सेसिबिलिटी और इमर्सिव लर्निंग पर फोकस करने वाले अपने इनोवेशन-लेड सॉल्यूशंस के लिए पहचान हासिल की। अभी, खासकर ग्लोबल साउथ में, देखने में दिक्कत वाले छात्रों का एक छोटा सा हिस्सा ही सबको साथ लेकर चलने वाले और इंटरैक्टिव स्टेम लर्निंग टूल्स का इस्तेमाल कर पाता है, जिससे कोडिंग और टेक्नोलॉजी एजुकेशन में एक्सेसिबिलिटी में एक बड़ा गैप पैदा हो गया है। इस चुनौती का सामना करने के लिए, टीम ने एक सबको साथ लेकर चलने वाला लर्निंग सॉल्यूशन बनाया है जो बटन, सेंसर और ऑडियो फीडबैक का इस्तेमाल करके देखने में दिक्कत वाले स्टूडेंट्स को टच और सेंसरी इंटरैक्शन के ज़रिए कोडिंग के बेसिक कॉन्सेप्ट समझने में मदद करता है। इस प्रोजेक्ट का मकसद देखने में दिक्कत वाले छात्रों के लिए कोडिंग एजुकेशन को ज़्यादा आसान, दिलचस्प और एक्सपीरिएंशियल बनाना है, जो क्वालिटी और सबको साथ लेकर चलने वाली एजुकेशन पर फोकस करने वाले यूनाइटेड नेशंस सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल 4 में मदद करता है। प्रोजेक्ट टैक्टो का प्रतिनिधित्व वर्ष 2027 के तृतीय वर्ष के बीटेक कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग छात्र गौरांग पंत, वर्ष 2028 की द्वितीय वर्ष की बीटेक कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग (डेटा साइंस) छात्रा श्रृष्टि मंडोलिया, तथा वर्ष 2026 की तृतीय वर्ष की बीबीए फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट एनालिसिस छात्रा काव्या सिंह ने किया। प्रतियोगिता में एक अन्य छात्र स्टार्टअप टेक्यूरियस प्राइवेट लिमिटेड भी ग्लोबल फाइनलिस्ट्स में शामिल हुआ। इस स्टार्टअप ने एक वर्चुअल रियलिटी आधारित इमर्सिव लर्निंग प्लेटफॉर्म प्रस्तुत किया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए शिक्षा को अधिक रोचक और इंटरैक्टिव बनाना है। इस कामयाबी के बारे में बात करते हुए, प्रोजेक्ट टैक्टो के फाउंडर्स ने कहा, “दुनिया भर की टीमों के साथ मुकाबला करना और अपने आइडिया को दुनिया भर में पहचान मिलते देखना एक यादगार अनुभव था। हम कुछ ऐसा बनाना चाहते थे जो देखने में दिक्कत वाले स्टूडेंट्स के लिए सीखने को ज़्यादा आसान और आसान बना सके, और इस पहचान ने हमारे इस विश्वास को और मज़बूत किया है कि टेक्नोलॉजी समाज पर अच्छा असर डालने का एक पावरफुल टूल बन सकती है।” प्रोजेक्ट टैक्टो के एंटरप्रेन्योर और मेंटर, मिस्टर रचित माथुर ने कहा, “जो मेंटरशिप के तौर पर शुरू हुआ था, वह आखिरकार को-फाउंडर्स के साथ काम करने जैसा लगा। हमारे बीच बिजनेस मॉडल, पिचिंग और स्ट्रैटेजी को लेकर बहस, असहमति और लंबी चर्चाएं हुईं, लेकिन टीम की कड़ी मेहनत और अपने आइडिया पर विश्वास पूरे सफर में सबसे अलग रहा। एक दमदार और सार्थक इनोवेशन बनाने का क्रेडिट सच में उन्हें जाता है। पिछले छह महीनों में, हमने उनकी पिच, जीटीएम स्ट्रैटेजी, फाउंडर माइंडसेट और इन्वेस्टर के सवालों की तैयारी को बेहतर बनाने पर काम किया। स्टार्टअप इकोसिस्टम में 15 साल से ज़्यादा समय बिताने के बाद, मैंने अपने अनुभव को इस प्रोसेस में लाने की कोशिश की। जब नतीजे घोषित हुए, तो यह बहुत ही पर्सनल और इमोशनल लगा। यह बात कि गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने टीमों के पार्टिसिपेशन और हांगकांग की इंटरनेशनल यात्रा को पूरी तरह से स्पॉन्सर किया, यह भी दिखाता है कि डॉ. ध्रुव गलगोटिया के नेतृत्व में किस तरह का मजबूत सपोर्ट सिस्टम और स्टार्टअप कल्चर बन रहा है।” ईडीवेंचर्स 2026 में हिस्सा लेने वाली यूनिवर्सिटी और इंस्टीट्यूशन में द एजुकेशन यूनिवर्सिटी ऑफ़ हांगकांग, हांगकांग; नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, सिंगापुर; नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ एजुकेशन, सिंगापुर; किंग सऊद यूनिवर्सिटी, सऊदी अरब; ईस्ट चाइना नॉर्मल यूनिवर्सिटी, चीन; यूनिवर्सिटास इंडोनेशिया, इंडोनेशिया; अजमान यूनिवर्सिटी, संयुक्त अरब अमीरात; बीजिंग नॉर्मल यूनिवर्सिटी, चीन; द चाइनीज़ यूनिवर्सिटी ऑफ़ हांगकांग, हांगकांग; और माहिडोल यूनिवर्सिटी, थाईलैंड शामिल थे। गलगोटिया विश्वविद्यालय के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने कहा, “हमारे छात्रों ने ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर देश को रिप्रेजेंट करके भारत को गर्व महसूस कराया है। उनका इनोवेशन, देखने में दिक्कत वाले छात्रों के लिए इनक्लूसिव एजुकेशन की चुनौती का सॉल्यूशन है। आज के युवा ऐसे सॉल्यूशन बना रहे हैं जिनके लिए टेक्नोलॉजी, एंपैथी और इंटरडिसिप्लिनरी सोच को एक साथ लाने की ज़रूरत है। यह देखना बहुत हिम्मत देने वाला है कि हमारे छात्र बड़ी इंटरनेशनल यूनिवर्सिटीज़ के साथ कॉन्फिडेंस से मुकाबला कर रहे हैं और ऐसे आइडियाज़ के लिए पहचान पा रहे हैं जो सोशली मीनिंगफुल और इनोवेशन से प्रेरित हैं। हम लगातार एक ऐसे इकोसिस्टम को मजबूत कर रहे हैं जो छात्रों को टेक्नोलॉजी, मेंटरशिप, ग्लोबल एक्सपोजर, स्टार्टअप सपोर्ट और आइडियाज़ को असल दुनिया में असरदार बनाने के मौके देता है।” गलगोटिया विश्वविद्यालय इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग, इंडस्ट्री एंगेजमेंट, स्टार्टअप इनक्यूबेशन और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन एकेडमिक इनिशिएटिव के ज़रिए इनोवेशन, रिसर्च, ग्लोबल एक्सपोज़र और प्रॉब्लम-सॉल्विंग का एक मज़बूत कल्चर बनाने पर फोकस करती है।

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Review: ‘रिटर्न ऑफ द जंगल’: संघर्ष से स्क्रीन तक

रिटर्न ऑफ द जंगल एनिमेटिड फिल्म “रिटर्न ऑफ द जंगल” – 15 साल की मेहनत से बनी लेखक, निर्माता ,  निर्देशक : वैभव कुमारेश, सेंसर: यू , अवधि : 124 मिनट रेटिंग 3 .5 स्टार देश विदेश में अपनी अलग इमेज बना चुके प्रख्यात एनीमेटर वैभव कुमारेश के निर्देशन में बनी यह फिल्म भारतीय एनीमेशन इन्डस्ट्री को नई दिशा देती है.इस फिल्म को मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में पेश किया गया, जहां इसे सभी ने खूब सराहा। फिल्म में वीएफएक्स का काम अव्वल दर्जे का है ,इस फिल्म को आप स्कूली बच्चों को एक नई दिशा , और भारतीय संस्कृति और किसी भी खेल में जीत हार के अनुभवों को किस तरह से लिया जाए यही सब बिग स्क्रीन बड़े पर दिखाने का नेक और अच्छा प्रयास है स्टोरी प्लॉट केंद्रीय विद्यालय के कुछ बच्चों के जीवन और उनके अटूट विश्वास पर राह में आने वाली चुनौतियों को खेल और प्रतियोगिता के माध्यम से पेश किया गया है । जहां इस स्कूल में राहुल मल्होत्रा खुद को स्पाइडर मैन से कम नहीं मानता और स्कूल में होने वाली सभी प्रतियोगिताओं को जीतता है वहीं दूसरी क्लास के छात्र भी इस बार छोटू के नेतृत्व में स्कूल की सभी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का फैसला करते है और इन सब के साथ थाथा का आशीर्वाद है , फैशन शो से क्रिकेट तक के मुकाबले फिल्म में है तो वहीं इस फिल्म में इन सभी की पक्की दोस्ती, चुनौतियो को दिखाया गया है. फिल्म में ‘थाथा’ का किरदार जो हर मुश्किल वक़्त में इन बच्चों का साथ और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है पारंपरिक पंचतंत्र शैली की कहानियों से लिया गया है । ओवर ऑल 15 साल की मेहनत : आप हैरान होंगे बिना स्टार कास्ट के करीब दो घंटे की इस फिल्म को बनाने में फिल्म के निर्माता और उनकी पूरी टीम की करीब 15 साल का वक्त लग गया ।यह फिल्म टीम के लंबे संघर्ष का परिणाम है। इस फिल्म को तैयार करने में लगभग 15 साल का समय लगा है, मेरी नजर में यह फिल्म एनीमेशन जगत में युवा फिल्म मेकर्स ने बढ़ रहे आत्मविश्वास का संकेत है, जहां वैभव कुमारेश ने अपनी पहचान स्थापित करने की अच्छी कोशिश की है । यह केवल बच्चों के लिए है नहीं है बल्कि पूरे परिवार के लिए बनी है , तो इस बार अपने सोनू मीनू के साथ अपने पास के सिनेमा में यह फिल्म देखने जाये यकीनन आप सब की कसौटी पर फिल्म खरी उतरेगी ।

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खादी-ग्रामोद्योग ने रचा नया इतिहास – 1.87 लाख करोड़ का कारोबार

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने बीते 12 वर्षों में विकास और परिवर्तन की अभूतपूर्व यात्रा तय की है। वित्त वर्ष 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 1,87,105 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई, जो अब तक की सर्वाधिक बिक्री है और ग्रामीण भारत की बढ़ती उद्यमशीलता, आत्मनिर्भरता तथा आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त प्रमाण है। ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ जैसे राष्ट्रीय अभियानों से प्रेरित होकर खादी आज केवल एक पारंपरिक उत्पाद नहीं, बल्कि ‘नये भारत’ की आत्मनिर्भरता, स्वदेशी गौरव और ग्रामीण समृद्धि का जीवंत प्रतीक बन चुकी है। उत्पादन, विपणन और रोजगार सृजन के नए कीर्तिमान स्थापित करते हुए खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा और नई दिशा प्रदान की है। केवीआईसी ने जारी किए वित्त वर्ष 2025-26 के अनंतिम आंकड़े नई दिल्ली के गांधी दर्शन, राजघाट स्थित कार्यालय में वित्त वर्ष 2025-26 के अनंतिम आंकड़े (Provisional Data) जारी करते हुए केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने कहा कि आयोग ने उत्पादन, बिक्री और रोजगार सृजन के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013-14 की तुलना में पिछले 12 वर्षों में बिक्री में 501 प्रतिशत, उत्पादन में 380 प्रतिशत और रोजगार सृजन में 56 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पूर्व वर्षों की प्रवृत्ति को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में वर्ष 2013-14 की तुलना में बिक्री में 447 प्रतिशत और उत्पादन में 347 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी, जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में वर्ष 2013-14 की तुलना में बिक्री में 400 प्रतिशत और उत्पादन में 315 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी थी। खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 1.87 लाख करोड़ रुपये के पार अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने कहा कि केवीआईसी का यह सशक्त प्रदर्शन ‘विकसित भारत@2047’ के संकल्प को गति प्रदान करने के साथ-साथ भारत को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रभावी मार्गदर्शन, महात्मा गांधी की प्रेरणा तथा देश के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत करोड़ों कारीगरों की मेहनत को दिया। अध्यक्ष केवीआईसी ने बताया कि वित्त वर्ष 2013-14 में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों का उत्पादन जहां 26109 करोड़ रुपये था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह करीब पांच गुना बढ़कर 380 प्रतिशत के उछाल के साथ 125296 करोड़ रुपये पहुंच गया। जबकि वित्त वर्ष 2013-14 में बिक्री जहां 31154 करोड़ रुपये थी, वहीं करीब छह गुना बढ़कर 501 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि के साथ यह वित्त वर्ष 2025-26 में 187105 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो कि अब तक की सर्वाधिक बिक्री है। खादी वस्त्रों के उत्पादन और बिक्री में अभूतपूर्व वृद्धि खादी वस्त्रों के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2013-14 में 811 करोड़ रुपये का उत्पादन बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 390 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 3,974 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं बिक्री 1,081 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 628 प्रतिशत वृद्धि के साथ 7,869 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। प्रधानमंत्री द्वारा खादी के सतत प्रचार-प्रसार का सकारात्मक प्रभाव इस क्षेत्र की बढ़ती स्वीकार्यता और बाजार विस्तार में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। ग्रामोद्योग क्षेत्र में उत्पादन और बिक्री का नया रिकॉर्ड ग्रामोद्योग क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2013-14 में जहां ग्रामोद्योग उत्पादों का उत्पादन 25,298 करोड़ रुपये था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 380 प्रतिशत की वृद्धि के साथ यह बढ़कर 1,21,322 करोड़ रुपये हो गया है। इसी प्रकार बिक्री 30,073 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 496 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,79,236 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी ग्रामोद्योग ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वर्ष 2013-14 में जहां इस क्षेत्र में 1.19 करोड़ लोगों को रोजगार प्राप्त था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 1.99 करोड़ के स्तर के करीब पहुंच गया है, जो ग्रामीण आजीविका सृजन में इस क्षेत्र की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘घर-घर स्वदेशी’ जैसे अभियानों के प्रभाव से ग्रामोद्योग उत्पादों की मांग में निरंतर वृद्धि हुई है, जिससे यह क्षेत्र ग्रामीण उद्योगों के विस्तार, बाजार सुदृढ़ीकरण और रोजगार सृजन का एक प्रमुख आधार बनकर उभरा है। रोजगार सृजन के क्षेत्र में केवीआईसी की ऐतिहासिक उपलब्धि रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी केवीआईसी ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2013-14 में जहां खादी और ग्रामोद्योग से जुड़ी गतिविधियों में संचयी रोजगार (Cumulative Employment) 1.30 करोड़ था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह 56 प्रतिशत की वृद्धि के साथ बढ़कर 2.04 करोड़ हो गया है, जो ग्रामीण आजीविका सृजन में केवीआईसी की केंद्रीय भूमिका को दर्शाता है। पीएमईजीपी से स्वरोजगार एवं उद्यमिता को नई गति प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के अंतर्गत वित्त वर्ष 2025-26 में 66,494 नई इकाइयों की स्थापना की गई, जिनके लिए 7,375 करोड़ रुपये के ऋण के विरुद्ध 2,457 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी वितरित की गई। इन इकाइयों के माध्यम से 7,31,434 लोगों को रोजगार उपलब्ध हुआ। योजना की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 10,84,679 इकाइयों की स्थापना की जा चुकी है, जिनके लिए 80,705 करोड़ रुपये के ऋण के सापेक्ष 29,623 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी संवितरित की गई है। इसके माध्यम से अब तक लगभग 97.95 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत टूलकिट वितरण से कारीगरों को सशक्तिकरण ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत अभी तक 51,230 विद्युत चालित चाक, 2,46,099 बी-बॉक्स एवं बी–कालोनी, 2,674 ऑटोमैटिक एवं पैडल चालित अगरबत्ती निर्माण मशीन, 7,669 फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग एवं रिपेयरिंग टूलकिट, 836 पेपर प्लेट एवं दोना निर्माण मशीन, 7,571 एसी, मोबाइल, सिलाई, इलेक्ट्रिशियन एवं प्लंबर टूलकिट, 5,138 टर्नवुड, वेस्टवुड क्रॉफ्ट एवं लकड़ी के खिलौने बनाने की मशीन तथा 1,789 पामगुड़, तेल घानी एवं इमली प्रसंस्करण मशीनों का वितरण किया गया है। वित्त वर्ष 2025-26 में इस योजना के अंतर्गत 37,769 मशीन, टूलकिट एवं उपकरणों का वितरण किया गया है। यदि पिछले चार वर्षों पर दृष्टि डालें तो वर्ष 2022-23 में 21,874, वित्त वर्ष 2023-24 में 29,540, वित्त वर्ष

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एल्टॉस कंप्यूटिंग (एसर ग्रुप की कंपनी) ने भारत के एआई इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए लॉन्च किए ‘मेक-इन-इंडिया’ एआई सर्वर्स

नई दिल्ली, भारत, 23 मार्च 2026: एल्टॉस कंप्यूटिंग लिमिटेड, जो एसर इंक. ग्रुप की एक कंपनी और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग व एआई इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस की वैश्विक प्रदाता है, ने आज अपने ‘मेक-इन-इंडिया’ एआई सर्वर पोर्टफोलियो के लॉन्च की घोषणा की। यह भारत के संप्रभु एआई और डेटा सेंटर इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह घोषणा नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष लॉन्च इवेंट में की गई। इस अवसर पर सुधीर गोयल, एसर इंडिया के चीफ बिजनेस ऑफिसर; इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव सुशील पाल;विशाल धूपर, प्रबंध निदेशक, एशिया साउथ, एनवीडिया; इंटेल इंडिया के सीनियर डायरेक्टर (ग्लोबल अकाउंट्स – ओईएम और हाइपरस्केलर्स) पी.पी. सुनील आचार्य; एल्टॉस कंप्यूटिंग इंक. के सीईओ जैकी ली और एल्टॉस इंडिया की डायरेक्टर प्रिया कृष्णमूर्ति सहित मीडिया, प्रौद्योगिकी उद्योग के वरिष्ठ प्रतिनिधि और भागीदार उपस्थित थे। इवेंट की मुख्य विशेषता एल्टॉस ब्रेनस्फीयर™ R300 एआई सीरीज सर्वर का अनावरण रहा। यह कंपनी का फ्लैगशिप ‘मेक-इन-इंडिया’ एआई सर्वर है, जिसे उद्यमों, अनुसंधान संस्थानों, सरकारी संगठनों और हाइपरस्केल डेटा सेंटरों में अगली पीढ़ी के एआई वर्कलोड को चलाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और उन्नत एआई मॉडल ट्रेनिंग व इन्फरेंस के लिए निर्मित, R300 सीरीज प्लेटफॉर्म हाई-डेंसिटी जीपीयू एक्सेलेरेशन, स्केलेबल मेमोरी आर्किटेक्चर और उन्नत थर्मल दक्षता का समर्थन करता है। इससे संगठनों को प्रदर्शन, विश्वसनीयता और स्केलेबिलिटी बरकरार रखते हुए कम्प्यूट-इंटेंसिव एआई वर्कलोड को मैनेज करने में मदद मिलती है। लॉन्च के बारे में बात करते हुए एसर इंडिया के प्रेसिडेंट और एमडी हरीश कोहली ने कहा, “भारत आज एक परिवर्तनकारी एआई युग की दहलीज पर खड़ा है, जहां शक्तिशाली कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विभिन्न उद्योगों में नवाचार की रीढ़ बनेगा। एल्टॉस के मेक-इन-इंडिया एआई सर्वर पोर्टफोलियो के लॉन्च के साथ, हम स्थानीय स्तर पर इस डिजिटल रीढ़ को तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। उन्नत एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के विनिर्माण को भारतीय बाजार के करीब लाकर, हम उद्यमों, अनुसंधान संस्थानों और सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों के लिए तेज तैनाती, बेहतर पहुंच और अधिक स्केलेबिलिटी सुनिश्चित कर रहे हैं। एल्टॉस के हाई-परफॉर्मेंस एआई प्लेटफॉर्म और हमारे मजबूत पार्टनर इकोसिस्टम के माध्यम से, हम पूरे भारत में संगठनों को एआई की पूरी क्षमता का लाभ उठाने के लिए सशक्त बनाने के प्रति प्रतिबद्ध हैं।” यह लॉन्च भारत को एआई नवाचार और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का वैश्विक हब बनाने की महत्वाकांक्षा का समर्थन करने की एल्टॉस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। स्थानीय स्तर पर एआई सर्वरों का निर्माण करके और संगठनों को देश के भीतर शक्तिशाली कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म तैनात करने में सक्षम बनाकर, कंपनी अनुसंधान, विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवा और सार्वजनिक सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्केलेबल एआई इंफ्रास्ट्रक्चर की तेजी से बढ़ती मांग को पूरा करने का लक्ष्य रखती है। लॉन्च के दौरान एआई इकोसिस्टम के भीतर आपसी सहयोग के महत्व को भी प्रमुखता से उजागर किया गया। लॉन्च के अवसर पर बोलते हुए, सुधीर गोयल, एसर इंडिया के चीफ बिजनेस ऑफिसर ने कहा, ‘‘भारत अब डिजिटल और एआई से चलने वाले बड़े बदलाव के समय में प्रवेश कर रहा है। इस दौर में देश के अंदर ही मजबूत और तेज कंप्यूटिंग सुविधाएं (जैसे सर्वर आदि) उपलब्ध होना बहुत जरूरी है, क्योंकि ये नए आविष्कार और इनोवेशन को बढ़ावा देंगी। एल्‍टॉस के मेक इन इंडिया वाले एआई सर्वर लॉन्च करना हमारी उस प्रतिबद्धता को दिखाता है कि हम मेक इन इंडिया मुहिम के जरिए भारत में मजबूत घरेलू तकनीकी व्यवस्था बनाना चाहते हैं। अब हम उन्नत एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को भारत में ही बनाकर और यहां के बाजार के करीब लाकर उपलब्ध करा रहे हैं। हमारा मकसद है कि कंपनियां, रिसर्च सेंटर, स्टार्टअप्स और सरकारी संस्थाएं आसानी से अगली पीढ़ी के एआई सॉल्यूशन बना सकें, उन्हें प्रशिक्षित कर सकें और बड़े स्तर पर इस्तेमाल कर सकें। यह सब भारत के विकास के लिए बहुत उपयोगी होगा।’’ इस लॉन्च के रणनीतिक महत्व पर चर्चा करते हुए, एल्टॉस कंप्यूटिंग इंक. के सीईओ जैकी ली ने कहा, “एल्टॉस कंप्यूटिंग में हमारा मिशन हमेशा से संगठनों को हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और एआई की शक्ति के जरिए जटिल चुनौतियों को हल करने में मदद करना रहा है। भारत वैश्विक स्तर पर सबसे गतिशील और तेजी से बढ़ते एआई बाजारों में से एक है, जिसमें उद्यमों, सरकार और शिक्षा जगत में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। हमारे ‘मेक-इन-इंडिया’ एआई सर्वर सॉल्यूशंस की शुरुआत देश में हमारी मौजूदगी को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। अपनी वैश्विक इंजीनियरिंग विशेषज्ञता को स्थानीय विनिर्माण क्षमताओं के साथ जोड़कर, हम शक्तिशाली और स्केलेबल एआई इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस प्रदान कर रहे हैं जो भारत की दीर्घकालिक तकनीकी महत्वाकांक्षाओं के अनुरूप हैं।” कार्यक्रम के दौरान, एल्टॉस ने एक इंटरैक्टिव ‘प्रोडक्ट डिस्प्ले एरिना’ के माध्यम से अपने व्यापक एआई और कंप्यूटिंग पोर्टफोलियो को प्रदर्शित किया। नए लॉन्च किए गए R370 एआई सीरीज सर्वर के साथ-साथ, कंपनी ने एल्टॉस R680 एआई सर्वर का भी प्रदर्शन किया। यह एक हाई-डेंसिटी कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म है, जिसे बड़े पैमाने पर एआई मॉडल ट्रेनिंग और उन एंटरप्राइज वर्कलोड के लिए डिज़ाइन किया गया है जिन्हें अत्यधिक कम्प्यूटेशनल पावर की आवश्यकता होती है। इवेंट में एक विशेष ‘एआई वॉल’ लगाई गई थी, जिसमें एल्टॉस इंफ्रास्ट्रक्चर (R370, R680 और R380 प्लेटफॉर्म) द्वारा संचालित वास्तविक दुनिया के ‘एआई यूज़ केसेस’ को हाइलाइट किया गया। इन डेमोन्सट्रेशन्स ने दिखाया कि कैसे ये एआई सर्वर प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स, इंटेलिजेंट वीडियो एनालिटिक्स, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग ऑटोमेशन और उन्नत रिसर्च कंप्यूटिंग जैसे एप्लिकेशन्स को संभव बनाते हैं। डिस्प्ले एरिया में एल्टॉस के अन्य सॉल्यूशंस भी दिखाए गए, जिनमें P-सीरीज एज कंप्यूटिंग सिस्टम्स, T-सीरीज प्लेटफॉर्म्स और इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल डिस्प्ले शामिल थे। यह कंपनी के उस व्यापक इकोसिस्टम को दर्शाता है जो एआई इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर एज कंप्यूटिंग और एंटरप्राइज सहयोग तकनीकों तक फैला हुआ है। एल्टॉस इंडिया की डायरेक्टर प्रिया कृष्णमूर्ति ने कहा, “भारत में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि संगठन अब अपने परिचालन और निर्णय लेने की प्रक्रिया को बदलने के लिए ‘डेटा-संचालित इंटेलिजेंस’ पर अधिक निर्भर हो रहे हैं। मेक-इन-इंडिया R370 एआई सीरीज सर्वर के लॉन्च के साथ हमारा पूरा ध्यान यह सुनिश्चित करने पर है कि भारत के उद्यमों और संस्थानों को आधुनिक एआई वर्कलोड के लिए विश्वसनीय और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म उपलब्ध हों। स्थानीय

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