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फिल्म रिव्यू : नोटबुक से निकली खूबसूरत प्रेम कहानी

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के. कुमार

  • फिल्म : नोटबुक ( Notebook )
  • स्टार कास्ट : जहीर इकबाल और प्रनूतन बहल।
  • निर्देशक : नितिन कक्कड़।
  • निर्माता : सलमान खान, मुराद खेतानी, अश्विन वर्दे।
  • रेटिंग : 3 स्टार।

नोटबुक सुनते ही मन में विचार आता है कि हम भी अपने मन की कुछ लिखें, या यह भी लगता है कि किसी ने कुछ अपने मन का नोटबुक में लिखा होगा। खासकर यदि किसी को किसी की नोटबुक से प्यार हो जाए, या यूं कहें कि किसी ने अपनी नोटबुक में अपने अंतर्मन की कहानी लिखी हो, तो यह एक आश्चर्य ही होगा। क्योंकि प्रेम अंतर्मन का वह भाव है, जिसके लिए जरूरी नहीं की समय और जगह की अहमियत हो। क्योंकि प्रेम किसी को भी कभी भी किसी जगह हो सकता है। जी हों फिल्म नोटबुक की भी यही कहानी है, जिसमें एक शख्स को एक लड़की की नोटबुक में लिखे भावों को पढ़कर उससे प्रेम हो जाता है। हालांकि यह कहानी थाईलैंड में बनी फिल्म ‘द टीचर्स डायरी’ से मिलती जुलती है। लेकिन सलमान खान प्रोडक्शंस द्वारा बनी ‘नोटबुक’ प्रेम की एक खूबसूरत कहानी है।

अभिनेता जहीर इकबाल और अभिनेत्री प्रनूतन बहल फिल्म ‘नोटबुक’ की लव स्टोरी के मुख्य कलाकार हैं। असल में ‘नोटबुक’ का फिल्मांकन कश्मीर की सुंदर वादियों में फिल्माया गया है। फिल्म की कहानी कश्मीर की एक झील में स्थित बूलर स्कूल की है, जहां ना तो ज्यादा इंसान नजर आते हैं और वहां पहुंचना आसान नहीं और ना ही वहां जल्दी से मोबाइल नेटवर्क पहुंचता है। फिल्म की खासियत यह है कि यह एक खूबसूरत लव स्टोरी होने के साथ ही कश्मीर की गंभीर समस्याओं जैसे कश्मीरी पंडितों का विस्थापन और वहां के गरीब परिवारों द्वारा अपने बच्चों को गलत राह पर भेजना।

फिल्म की कहानी कुछ यूं शुरू होती है कि फिरदौस (प्रनूतन बहल) नाम की एक टीचर है, जो कश्मीर के बुलर स्कूल में पढ़ने वाले कुछ स्कूली बच्चों की अध्यापिका है, लेकिन उसकी शादी तय हो जाती है, जिसके चलते उसे स्कूल छोड़ना पड़ता है, लेकिन वह उन दिनों के अनुभवों को अपनी नोटबुक में लिखती है, जिसको वह वहीं छोड़ आती है। लेकिन बाद में वहां एक नया टीचर आता है कबीर (जहीर इकबाल)। अब कबीर को फिरदौस की वह नोटबुक मिलती है, जिसे पढ़कर कबीर को फिरदौस से प्यार हो जाता है। अब कहानी का सार यह है कि कबीर और फिरदौस दोनों आपस में मिलते हैं या नहीं, इसके लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी।


कबीर और फिरदौस के अभिनय की बात करें तो दोनों कलाकार बेहद खूबसूरत और अपने अभिनय में परफेक्ट लगते हैं। साथ ही स्कूल के छोटे और खूबसूरत बच्चों ने भी बेहद उम्दा और दिल को छू लेने वाला अभिनय किया है, जो दर्शकों को भावुक करता है।

वैसे तो कश्मीर पूरे विश्व में प्रसिद्ध है, और सदियों से यहां अनेकों फिल्मों की शूटिंग होती चली आई है। लेकिन एकबार फिर ‘नोटबुक’ फिल्म को देखना ही अपने आप में प्राकृतिक सौंदर्यबोध और खूबसूरती का अहसास करा अपने प्रति अकर्षित करता है, जहां कश्मीर के सुंदर खूबसूरत बर्फ से ढके पहाड़ों और कश्मीर की शांत झील दर्शकों को एक अलग ही अनुभव कराती है। फिल्म की कहानी शांत होने के बावजूद भी आपको बांधे रखती है, जिसके चलते आप बिल्कुल भी बोर नहीं होंगें। वैसे भी कहानी का कन्सेप्ट भी बेहद खूबसूरत है। यह फिल्म पूरे परिवार और बच्चों के साथ देखने लायक है, जिसकी कहानी हमें कश्मीर के संघर्षशील रहन-सहन, लेकिन सुंदर तरीके से बयां करती है।

फिल्म का संगीत और गाने भी अच्छे हैं। फिल्म का एक गाना ‘मैं तारे तोड़ के लाऊं’ सलमान द्वारा गाया गया है। तो देर किस बात की यदि आपको कोई अलग तरह की लव स्टोरी पर केंद्रित फिल्म को देखना है तो यह फिल्म जरूर देखने जाएं।

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