Home स्वास्थ / सौंदर्य हेल्थ : मोटापे और कुपोषण के दोहरे बोझ से जूझ रहे है

हेल्थ : मोटापे और कुपोषण के दोहरे बोझ से जूझ रहे है

2 second read
0
1
12

ग्रामीण भारत में मोटापे का स्तर बढ़ना चिंता का कारण है।

बॉडी-मास इंडेक्स (बीएमआई) में वैश्विक रुझानों के एक अध्ययन के अनुसार, दुनिया भर में शहरों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है। जर्नल नेचर में प्रकाशित अध्ययन में, 1985 और 2017 के बीच 200 देशों और क्षेत्रों के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में 11.2 करोड़ से अधिक वयस्कों की ऊंचाई और वजन के आंकड़ो का विश्लेषण किया गया। भारत में मोटापे की व्यापकता बढ़ रही है और ग्रामीण क्षेत्रों में यह 8 से 38 प्रतिषत तथा शहरी क्षेत्रों में 13 से 50 प्रतिषत तक है।

निम्न एवं मध्यम आय वाले देशों के ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च आय, बेहतर बुनियादी ढांचे, अधिक मशीनीकृत कृषि और कारों के पयोग में वृद्धि देखी गयी है। इन कारकों से न केवल कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं, बल्कि कम ऊर्जा व्यय के अलावा, प्रोसेस्ड और उपयुक्त नियमों के अभाव में कम गुणवत्ता वाले भोजन पर अधिक खर्च होता है। स्वस्थ भोजन पैटर्न के महत्व पर जागरूकता उत्पन्न करना समय की आवश्यकता है।

“मोटापा मधुमेह और हृदय की समस्याओं जैसी स्थितियों को जन्म देता है। भारत पर इस मामले में दोहरा बोझ है। एक तरफ कुपोषण है और दूसरी तरफ मोटापा। भारत में मोटापा दुनिया के बाकी हिस्सों से अलग है, जो हमारे देश में “थिन-फैट इंडियन फेनोटाइप“ किस्म का है। इसका मतलब है कि कोकेशियान और यूरोपीय समकक्षों की तुलना में यहां के लोगों में शरीर में वसा, पेट और आंत के पास अधिक एकत्र होती है। इसलिए, विश्व मोटापा आमतौर पर कमर की परिधि के संदर्भ में रिपोर्ट किया जाता है, और 30 से परे बीएमआई भारत में मोटापे के प्रसार को काफी कम कर देता है। भारतीय मोटापे का अनुमान बीएमआई 25 की कम सीमा के अनुसार लगाया जाना चाहिए। इसके अलावा, यहां तक कि 23 तक की सामान्य बीएमआई, पेट के मोटापे के उच्च उदाहरण दिखा सकता है।”

मोटापे के दो प्राथमिक कारणों में एक है गतिहीन जीवन शैली और दूसरा है अस्वास्थ्यकर भोजन पैटर्न। प्रोसेस्ड फूड की खपत कई गुना बढ़ गई है। यह, असमान रूप से काम करने वाले पैटर्न और शारीरिक गतिविधि की कमी के साथ मिलकर स्थिति को बदतर बना देती है।

“पारंपरिक भारतीय आहार कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है। लोग बड़ी मात्रा में चावल, रोटियां और यहां तक कि ब्रेड का सेवन करते हैं। इसके अलावा, आज तला हुआ और अस्वास्थ्यकर फास्ट फूड व्यापक रूप से उपलब्ध है, जो आहार में सिर्फ कैलोरी का ही योगदान करता है। इन सब कारणों से भारतीयों में मोटापे की समस्या निरंतर बनी रहती है।”

क्या करें?

वजन घटाने की कुंजी यह है कि आप कितनी कैलोरी ग्रहण करते हैं।

ऊर्जा घनत्व की अवधारणा आपको कम कैलोरी के साथ अपनी भूख को संतुष्ट करने में मदद कर सकती है।

अपने समग्र आहार को स्वस्थ बनाने के लिए, वनस्पति-आधारित खाद्य पदार्थ अधिक लें, जैसे कि फल, सब्जियां और साबुत अनाज युक्त कार्बोहाइड्रेट खाएं।

व्यायाम को अपनी दिनचर्या का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाएं। धीमी गति से शुरू करें और समय के साथ इसकी गति बढ़ाते जाएं।

Load More Related Articles
Load More By admin
Load More In स्वास्थ / सौंदर्य

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

अमेज़ॅन प्राइम वीडियो ने आगामी अमेज़ॅन ओरिजिनल “माइंड द मल्होत्रास“ का पहला लुक किया रिलीज

नेशनल : अमेज़न प्राइम वीडियो ने ऐपलॉज एंटरटेनमेंट के साथ अपनी आगामी अमेजन ओरिजिनल सीरीज़ “मा…