Home स्वास्थ / सौंदर्य हेल्थ : क्या आपको पता है कि आप हाईब्लडप्रेशर के शिकार हैं?

हेल्थ : क्या आपको पता है कि आप हाईब्लडप्रेशर के शिकार हैं?

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  • आधे भारतीय अपने उच्च रक्तचाप की स्थिति से अनजान हैं और उन्होंने इसकी जांच भी नहीं करायी है।
  • यह हालत छिपे हुए रूप में जान लेती है और समय के साथ अन्य अंगों को भी नुकसान पहुंचाती है।
हाल के एक अध्ययन के अनुसार, भारत में उच्च रक्तचाप वाले 4 में से केवल 3 व्यक्तियों ने ही कभी अपना रक्तचाप मापा है। मुश्किल से करीब 45 प्रतिषत मामलों में इसकी जांच हुई और सर्वेक्षण में केवल 8 प्रतिशत लोगों का रक्तचाप नियंत्रण में पाया गया। उच्च रक्तचाप के साथ 15 से 49 वर्ष की आयु के आधे से अधिक भारतीयों को उनके उच्च रक्तचाप की स्थिति के बारे में पता ही नहीं था। जागरूकता का स्तर छत्तीसगढ़ में सबसे कम (22.1 प्रतिषत) और पुदुचेरी में उच्चतम (80.5 प्रतिशत) था।

उच्च रक्तचाप हृदय रोग के लिए एक बड़ा जोखिम फैक्टर है और भारत में मृत्यु का एक प्रमुख कारण है। यह 140/90 एमएमएचजी से अधिक और बार-बार बढ़ने वाला रक्तचाप होता है। उच्च रक्तचाप आमतौर पर किसी भी बाहरी संकेत या लक्षणों का कारण नहीं बनता है, लेकिन चुपचाप रक्त वाहिकाओं और अन्य अंगों को नुकसान पहुंचाता रहता है। इस तथ्य के बारे में जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता है कि उच्च रक्तचाप एक बीमारी नहीं है, लेकिन यह संकेत है कि शरीर में कुछ गलत है।

“भारतीय वयस्कों में उच्च रक्तचाप की व्यापकता ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले तीन दशकों में भारी वृद्धि दिखाई है। 30 वर्ष की आयु के बाद वार्षिक जांच करवाना जरूरी है, भले ही आपको उच्च रक्तचाप का कोई पारिवारिक इतिहास न हो, और मधुमेह या अन्य कोई जीवन शैली विकार न हो। उच्च जोखिम वाली श्रेणी के लोगों के लिए, हर महीने एक बार चेकअप की सलाह दी जाती है। उच्च रक्तचाप को रोका जा सकता है, बशर्ते कोई व्यक्ति जीवनशैली में आवश्यक बदलाव की शुरुआत सही से कर ले। रोकथाम के संदेश को फैलाना और विभिन्न आयु वर्ग के लोगों को नियमित अंतराल पर उनके रक्तचाप की जांच करने के लिए प्रोत्साहित करना भी जरूरी है।”

उच्च रक्तचाप के कुछ संकेतों और लक्षणों में चक्कर आना, सांस की तकलीफ, सिरदर्द, थकान, और कभी-कभी छाती में दर्द, धड़कन और नाक बहना शामिल हैं।

“उच्च रक्तचाप उन लोगों पर एक सीधा बोझ डालता है जो जानते हैं कि उन्हें यह है और जो इसे नियंत्रित करने के लिए काम कर रहे हैं। यह स्वास्थ्य के बारे में चिंता बढ़ाता है। यह बताता है कि आप क्या खाते हैं और आप कितने सक्रिय हैं, क्योंकि लो-सोडियम आहार और व्यायाम रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मदद करने के महत्वपूर्ण तरीके हैं। कुछ लोगों को दवा की आवश्यकता होती है और उन्हें दिन में एक या एक से अधिक गोलियां लेने की आवश्यकता होती है, जो एक महंगी परेशानी हो सकती है।”

कुछ सुझाव
  • अपने कद के हिसाब से स्वस्थ वजन बनाए रखें।
  • नियमित रूप से व्यायाम करें।
  • ऐसा आहार खाएं जो फल, सब्जियों और साबुत अनाज से भरपूर हो।
  • फलों और सब्जियों से भरपूर पोटेशियम प्राप्त करें (कम से कम 4,700 मिलीग्राम प्रति दिन) और प्रति
  • दिन 2,300 मिलीग्राम तक ही नमक लें (यानी एक चम्मच)।
  • अल्कोहल लेना ही हो तो कम मात्रा में लें।
  • तनाव कम करें।
  • अपने रक्तचाप को नियमित रूप से मॉनिटर करें, और इसे स्वस्थ सीमा में रखने के लिए अपने डॉक्टर से बात करें।
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