Home स्वास्थ / सौंदर्य हेल्थ : ऑफिस में लंच के समय हेल्दी भोजन करने से स्वस्थ रहने में मिलती है मदद

हेल्थ : ऑफिस में लंच के समय हेल्दी भोजन करने से स्वस्थ रहने में मिलती है मदद

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कार्यस्थल पर स्वास्थ्यप्रद भोजन विकल्प कर्मचारियों को स्वस्थ रहने में मदद कर सकते हैं : एचसीएफआई

नियोक्ताओं को जंक फूड की जगह फास्ट फूड प्रदान करने पर विचार करना चाहिए।

एक नये अध्ययन से संकेत मिला है कि जो कर्मचारी कार्यस्थल पर अस्वास्थ्यकर भोजन खरीदते हैं, वे अन्य सब जगहों पर भी ऐसा ही करते हैं।

इससे ऐसे लोगों में डायबिटीज और दिल की बीमारियों का खतरा स्वस्थ खरीदारी करने वालों की तुलना में अधिक होता है। अस्वास्थ्यकर भोजन के विकल्प भी समय के साथ मोटापे का कारण बन सकते हैं। इस तथ्य पर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है कि जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां के चलते कार्यालय में अनुपस्थिति, कम उत्पादकता के अलावा, नियोक्ताओं को कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर अधिक व्यय करना पड़ सकता है।

काम पर अधिक स्वास्थ्यप्रद भोजन की पेशकश करना कर्मचारियों के कल्याण में सुधार करने का एक आशाजनक तरीका हो सकता है। नियोक्ता कैफेटेरिया, वेंडिंग मशीनों और बैठकों व सामाजिक कार्यक्रमों में आकर्षक और स्वस्थ विकल्प रखने पर विचार कर सकते हैं।

“भारतीयों में पेट के चारों ओर अधिक वसा एकत्र होने की प्रवृत्ति होती है, जिससे इंसुलिन प्रतिरोध हो सकता है। इसका एक प्रमुख कारण लोगों की आज की जीवनशैली है। दौड़ते-भागते और तेज-रफ्तार जीवन के कारण अक्सर लोग सुबह नाश्ता नहीं कर पाते और दिन के बाकी समय अस्वास्थ्यकर और फटाफट वाला भोजन खाते हैं। काम के दौरान उन्हें जंक फूड (ट्रांस फैट्स वाली रिफाइंड कार्ब्स) की जगह फास्ट फूड (फल, दूध, दही, सलाद, ड्राई फ्रूट्स, सत्तू, नींबू पानी, गन्ने का रस या शहद) के विकल्प देने चाहिए।”

लोगों को स्वास्थ्यप्रद विकल्प प्रदान करने (कैफेटेरिया या वर्कप्लेस में फल और सब्जियां स्टॉक करना, मिठाई की जगह मुफ्त में फल बांटना) पर अधिक जोर देना चाहिए।

“किसी को भी जरूरत से अधिक खाना नहीं खाना चाहिए और पेट को उसके आकार के हिसाब से ही भरना चाहिए। स्वाद कलिकाएं केवल जीभ के सिरे और किनारे पर होती हैं। यदि आप जल्दी-जल्दी भोजन करते हैं, तो मस्तिष्क को संकेत नहीं मिलेंगे। छोटे ग्रास बनाकर खाने और उन्हें ठीक से चबाने से स्वाद कलियों के माध्यम से संकेत दिमाग को मिलते हैं। मस्तिष्क को केवल तभी संकेत मिलता है जब पेट 100 प्रतिषत भरा होता है। इस प्रकार, कोई कितना खा सकता है, यह पेट की परिपूर्णता पर निर्भर करता है।

ऑफिस में लंच के समय ये अपनाएं-

  • कम खाएं और धीरे-धीरे खाकर अपने भोजन का आनंद लें।
  • फल और सब्जियों से अपनी आधी थाली भरें।
  • बड़े कौर न खाएं, उनकी वजह से वजन बढ़ सकता है।
  • कम से कम आधा अनाज साबुत होना चाहिए।
  • ट्रांस फैट और चीनी की अधिकता वाली चीजें न खाएं।
  • स्वस्थ वसा चुनें। वसा रहित या कम वसा वाले दूध और डेयरी उत्पादों का उपयोग करें।
  • खूब पानी पिएं। शर्करा युक्त पेय से बचें।
  • उन खाद्य पदार्थों से बचें, जिनमें सोडियम का स्तर उच्च होता है, जैसे स्नैक्स और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ।
  • इस सबसे बढ़कर, अपनी गतिविधि के हिसाब से अपने भोजन के विकल्पों को संतुलित करें।
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