Home स्वास्थ / सौंदर्य विटामिन ए की कमी भी हो सकता है अंधेपन का कारण

विटामिन ए की कमी भी हो सकता है अंधेपन का कारण

4 second read
0
1
22

नई दिल्ली : आज के समय में विटामिन ए की कमी बच्चों में बढ़ते अंधेपन का एक बहुत बड़ा कारण है। साथ ही इससे कई अन्य बीमारियां जैसे डायरिया और मीसल्स आदि होने की भी अधिक संभावना रहती है, जिससे मौत का खतरा बढ़ जाता है। शरीर में विटामिन ए की पर्याप्त मात्रा नार्मल दृष्टि, हड्डियों का विकास, हेल्थी स्किन, पाचन के म्यूकस मेम्ब्रेन की सुरक्षा, श्वास प्रणाली और यूरेनरी टैªक्ट को संक्रमित होने से बचाता है। विटामिन ए की कमी 118 देशों में एक सार्वजनिक समस्या बन चुकी है, खासकर दक्षिणी पूर्वी एशिया में, जहां इसका निशाना बन रहे हैं-छोटे-छोटे बच्चे। नई दिल्ली स्थित सेंटर फॉर साइट के निदेशक डा.महिपाल सचदेव का कहना है कि हालांकि बहुत से लोग ये जानते हैं कि विटामिन ए की कमी से लोग अंधेपन की चपेट में आ सकते हैं। लेकिन बहुत से लोगों को इस बात की जानकारी नहीं है कि ऐसे बच्चे जिनमें विटामिन ए की कमी होती है उनमें अंधेपन की शुरुआत होने से पहले ही कई और बीमारियां जैसे मीसल्स, डायरिया और मलेरिया आदि से मौत का खतरा 25 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।

डा.महिपाल सचदेव के अनुसार इसका शुरुआती लक्षण है-रात में कम दिखना। बाकी अन्य लक्षण हैं-आंखों में बेहद सूखापन, आंखों में सिकुडन, बढ़ता धुंधलापन, कोर्निया में रूखापन आना। विटामिन ए की कमी के निरंतर बढने से आंखों के सफेद भाग के मेम्ब्रेन में सिल्वर-ग्रे रंग का सूखे से झाग का जमाव। सही इलाज न कराने पर कोर्निया का रूखापन बढ़ता ही जाता है जिससे कोर्नियल संक्रमण, रप्चर व कुछ ऐसे टिश्यू बदलाव होते हैं जिससे मरीज अक्सर अंधेपन का शिकार हो जाता है।

बच्चों को विटामिन ए की भरपूर खुराक देने से उनका अतिजीवन बढ़ता है, अन्य बीमारियों का खतरा कम होता है, बच्चों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है और हेल्थ सिस्टम व अस्पताल का दबाव भी कम हो जाता है। अब यह प्रमाणित किया जा चुका है कि छः महीने से लेकर पांच साल तक के बच्चों को एक साल तक विटामिन ए के दो हाई डोज सुरक्षित और कोस्ट इफेक्टिव हैं। विटामिन ए की कमी को समाप्त करने के लिए यह एक बेहतर नीति है। दूध पिलाने वाली माताओं को विटामिन ए की खुराक देना भी बच्चों के लिए बेहद आवश्यक है। विटामिन ए दूध, लिवर, अंडे, मछली, लाल और नारंगी फल, हरी पत्तेदार सब्जियों आदि में पाया जाता है। जिन खाद्य पदार्थों में विशेष तौर पर विटामिन ए पाया जाता है, वे हैं-अखरोट, फिश लिवर, फिश लिवर आयल, लहसुन, पपीता, नारंगी, सीताफल, पालक, शकरकंदी आदि।

डा. महिपाल सचदेव का कहना है कि पूरे विश्व में विटामिन ए की कमी बढ़ते अंधेपन का एक बहुत बड़ा कारण बन गया है खासकर विकासशील देशों में तो यह एक बहुत बड़ी समस्या है। भारत में ही इससे पीढित लगभग दो लाख बच्चे हैं। यह समस्या अक्सर तीन से छः साल के बच्चों को ज्यादा होती है। इसका बेहतर बचाव यही है कि व्यक्तिगत तौर पर इसकी रोकथाम की जाए। इस लिए हमेशा ध्यान रखिए और यह सुनिश्चित कीजिए कि आप का बच्चा खूब सारी हरी सब्जियां और फल खाए, रोजाना दूध पीए ताकि वह विटामिन ए की कमी से मीलों दूर रहे।

Load More Related Articles
Load More By admin
Load More In स्वास्थ / सौंदर्य

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

Akhiyon Se Goli Maare song launched by Kartik Aryan, Bhumi Pednekar,Ananya Panday and Tulsi Kumar in New Delhi

New Delhi : Today, Kartik Aryan, Bhumi Pednekar, Ananya Panday and Tulsi Kumar came to the…