Home दिल्ली ख़ास इतिहास /पुरातत्व भारतीयों की वीरगाथा का गुणगान करते हैं दुनियाभर में फैले दो दर्जन से ज्यादा शहीद स्मारक

भारतीयों की वीरगाथा का गुणगान करते हैं दुनियाभर में फैले दो दर्जन से ज्यादा शहीद स्मारक

0 second read
0
0
18
  • दीपक रंजन

भारतीय सैनिकों की वीरगाथा को भारत ही नहीं दुनिया के अनेक देशों में संजोया गया है। एशिया, अफ्रीका से लेकर यूरोप तक दर्जनभर देश हैं जहां भारतीय सैनिकों के सम्मान में दो दर्जन से ज्यादा शहीद स्मारक निर्मित हैं। इन पर अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले भारतीय जवानों के नाम अंकित हैं। जिन देशों ने भारतीयों के बलिदान को अमर करने वाले इन स्मारकों का निर्माण कराया है उनमें ब्रिटेन, थाईलैंड, बेल्जियम, हांगकांग, मिस्र, यूनान, इटली, जापान, इंडोनेशिया, ईरान, म्यामां, सिंगापुर, तुर्की, श्रीलंका जैसे देश शामिल हैं ।

सूचना के अधिकार के तहत विदेश मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रथम विश्व युद्ध से लेकर तीन दशक पूर्व श्रीलंका गई भारतीय शांति सेना के शहीदों के स्मारक सहित कई देशों में भारतीय सैनिकों के नाम शहीद स्मारकों में सम्मानपूर्वक दर्ज हैं। हरियाणा के आरटीआई कार्यकर्ता ओम प्रकाश ने सरकार से जानना चाहा था कि भारतीय सैनिकों को शामिल करके विदेशों में कितनी लड़ाई लड़ी गई तथा उन देशों में युद्ध स्मारक कहां कहां बने हुए हैं ।
आरटीआई के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार, बेल्जियम में लीपर क्षेत्र मेनिन गेट पर शहीद स्मारक बनाया गया है जहां विश्व युद्ध में उस देश की रक्षा करते हुए शहीद 413 भारतीय सैनिकों को सम्मान दिया गया हैं।
मित्र राष्ट्रों के गुट की अगुवाई करने वाले ब्रिटेन ने प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए 12 हजार से अधिक भारतीय सैनिकों की याद में ब्रिजटन में छत्री स्मारक का निर्माण करा उनके नाम अंकित कराये हैं। ब्रिटेन में ही स्काटलैंड में किंग्वीसी युद्ध स्मारक है जहां द्वितीय विश्वयुद्ध में शहीद होने वाले नौ भारतीय सैनिकों के बलिदान को नमन किया गया है।

यहीं नहीं…. चीन के हांगकांग में निर्मित शी वान शहीद स्मारक में 1941 में युद्ध के दौरान शहीद 118 भारतीय सैनिकों के नाम उल्लेखित हैं । मिस्र में अलआमीन युद्ध स्मारक में 1802 भारतीय सैनिकों के नाम दर्ज हैं । मिस्र में ही हाइफाया सोलुम स्मारक पर 142 शहीद भारतीय सैनिकों के नाम अंकित हैं । इसी देश में हेलियोपोलिस शहीद स्मारक पर 83 भारतीय सैनिकों के नाम उकेरकर उनके बलिदान को अमरता प्रदान की गयी है।
यूनान की रक्षा करते हुए दूसरे विश्व युद्ध के दौरान 58 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे। इनकी स्मृति में पहेलेरॉन में शहीद स्मारक बना है।

तुर्की में प्रथम विश्व युद्ध में बड़ी संख्या में भारतीय सैनिकों ने जर्मन और तुर्क सेना का मुकाबला किया था। इस युद्ध में अकेले तुर्की में 1516 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे। इन शहीदों की याद में गैलीपोली में समुद्र के किनारे शहीद स्मारक बनाया गया। थाइलैंड में दूसरे विश्व युद्ध के दौरान 12 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे। सरकार ने कंचानुबूरी शहीद स्मारक में इन शहीदों को सम्मानपूर्वक स्थान न दिया है । बैंकाक से करीब सौ किलोमीटर दूर स्थित इस स्मारक को देखने बड़ी संख्या में पर्यटक वहां जाते है।

इंडोनेशिया में जकार्ता युद्ध स्मारक में 161 शहीद भारतीय सैनिकों को सम्मान दिया गया है जिन्होंने जावा एवं सुमात्रा की रक्षा करते हुए प्राण न्यौछावर किया था । ईरान के तेहरान में शहीद स्मारक में 3380 भारतीय सैनिकों के नाम दर्ज हैं।
इटली में कई युद्ध स्मारकों में भारतीय शहीदों के नाम अंकित हैं। इटली के कैसिनो स्मारक में 1438 भारतीय सैनिकों के नाम उल्लेखित हैं तो फ्लोरेंस युद्ध स्मारक में 142 भारतीय सैनिकों के नाम दर्ज हैं । इटली के फोर्ली शहीद स्मारक में भी अनेकों भारतीय सैनिकों के नाम दर्ज हैं। इटली के रिमिनी गोरखा युद्ध स्मारक में भारतीय सैनिकों के नाम का उल्लेख है।

जापान के योकोहामा युद्ध स्मारक में 46 भारतीय सैनिकों, म्यामां के तुकियान युद्ध स्मारक में 981 भारतीय सैनिकों व सिंगापुर के शहीद स्मारक में 781 भारतीय शहीदों को सम्मान प्रदान करते हुए नाम अंकित कराए गये हैं। श्रीलंका में वर्ष 1987 से 90 तक श्रीलंका में लिट्टे के साथ युद्ध लड़ने वाली भारतीय शांति सेना के सैकड़ों जवान शहीद हुए थे। इन शहीदों की स्मृति को चिर स्थाई रखने के लिए श्रीलंका सरकार ने वर्ष 2008 में कोलम्बो के बाहर शहीद स्मारक का निर्माण कराया।
गौरतलब है कि प्रथम विश्वयुद्ध 1914 से 1918 तक करीब 52 माह तक लड़ा गया जबकि द्वितीय विश्वयुद्ध (1939 से 1945 तक) करीब छह वर्ष एक दिन तक चला। न दिया है । बैंकाक से करीब सौ किलोमीटर दूर स्थित इस स्मारक को देखने बड़ी संख्या में पर्यटक वहां जाते है।

इंडोनेशिया में जकार्ता युद्ध स्मारक में 161 शहीद भारतीय सैनिकों को सम्मान दिया गया है जिन्होंने जावा एवं सुमात्रा की रक्षा करते हुए प्राण न्यौछावर किया था । ईरान के तेहरान में शहीद स्मारक में 3380 भारतीय सैनिकों के नाम दर्ज हैं।
इटली में कई युद्ध स्मारकों में भारतीय शहीदों के नाम अंकित हैं। इटली के कैसिनो स्मारक में 1438 भारतीय सैनिकों के नाम उल्लेखित हैं तो फ्लोरेंस युद्ध स्मारक में 142 भारतीय सैनिकों के नाम दर्ज हैं । इटली के फोर्ली शहीद स्मारक में भी अनेकों भारतीय सैनिकों के नाम दर्ज हैं । इटली के रिमिनी गोरखा युद्ध स्मारक में भारतीय सैनिकों के नाम का उल्लेख है ।

जापान के योकोहामा युद्ध स्मारक में 46 भारतीय सैनिकों, म्यामां के तुकियान युद्ध स्मारक में 981 भारतीय सैनिकों व सिंगापुर के शहीद स्मारक में 781 भारतीय शहीदों को सम्मान प्रदान करते हुए नाम अंकित कराए गये हैं। श्रीलंका में वर्ष 1987 से 90 तक श्रीलंका में लिट्टे के साथ युद्ध लड़ने वाली भारतीय शांति सेना के सैकड़ों जवान शहीद हुए थे। इन शहीदों की स्मृति को चिर स्थाई रखने के लिए श्रीलंका सरकार ने वर्ष 2008 में कोलम्बो के बाहर शहीद स्मारक का निर्माण कराया।
गौरतलब है कि प्रथम विश्वयुद्ध 1914 से 1918 तक करीब 52 माह तक लड़ा गया, जबकि द्वितीय विश्वयुद्ध (1939 से 1945 तक) करीब छह वर्ष एक दिन तक चला। (साभार : भाषा पीटीआई)

Load More Related Articles
Load More By admin
Load More In इतिहास /पुरातत्व

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

PROJECTS SUCH AS IECC ARE IMPERATIVES FOR GLOBAL PROMOTION OF INDIAN MSME SAYS “SHRI NITIN GADKARI” INAUGURATING IITF 2019 AT PRAGATI MAIDAN.

New Delhi : “A business   conducive infrastructure   such as the world class International…