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राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में 11वें बाल संगम की हुई धूमधाम से शुरुआत

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नई दिल्ली : राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में आज बहुप्रतीक्षित 11वें बाल संगम का उद्घाटन किया गया। पारंपरिक लोककलाओं और लोक नाट्य के समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के प्रांगण में हरे-भरे मैदान में हुई। बाल संगम के उद्घाटन समारोह को सुप्रसिद्ध रंग मंच कलाकार एवं निदेशक प्रोफेसर रामगोपाल बजाज, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के प्रभारी निदेशक प्रोफेसर सुरेश शर्मा, संस्कार रंग टोली (थियेटर इन एजुकेशन कंपनी) के प्रमुख अब्दुल लतीफ खटाना ने अपनी गरिमामयी मौजूदगी से सुशोभित किया।

इस उद्घाटन समारोह के अवसर पर लोक कलाओं में पारंगत बाल कलाकारों ने स्टेज परफॉर्मेंस – रंगोली पेश की। जिसका नृत्य निर्देशन मशहूर कोरियोग्राफर श्री भरत शर्मा ने किया, जो कि तीन दसकों से नृत्य निर्देशन के करियर से जुड़े हैं। सुप्रसिद्ध रंगमंच कलाकार एवं निदेशक प्रोफेसर राम गोपाल बजाज ने कहा, “संबंधों और आपसी बातचीत के बिना कोई दुनिया नहीं है। बाल संगम जैसे फेस्टिवल विभिन्न संस्कृतियों वाले बच्चों के बीच सबंध बनाने में सक्षम होते हैं। मजबूत संबंध और आपस में जुड़ाव मजबूत राष्ट्र का निर्माण करते हैं।”

एकेडेमिक विभाग के डीन प्रोफेसर (डॉक्टर) अभिलाष पिल्लई ने मुख्य अतिथि, बच्चों और दर्शकों को अपना कीमती समय निकालकर बाल संगम का हिस्सा बनने के लिए धन्यवाद दिया। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के प्रभारी निदेशक प्रोफेसर सुरेश शर्मा ने कहा, “मैं उन सभी लोगों को धन्यवाद देना चाहूंगा, जो अपना मूल्यवान समय निकालकर यहां आए और कार्यक्रम में भागीदारी निभा रहे बच्चों को सराहा व प्रोत्साहित किया। मैं सभी भागीदारों और महोत्सव में आए सभी दर्शकों का स्वागत करता हूं। हमें काफी गर्व है कि संस्कार रंग टोली (थियेटर इन एजुकेशन) बच्चों को अपने देश की संस्कृति, परंपरा और मूल्यों को समझाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय भविष्य में भी इस तरह की पहल करता रहेगा।”

संस्कार रंग टोली के प्रमुख श्री अब्दुल लतीफ खटाना ने कहा, “थियेटर-इन-एजुकेशन पिछले तीन दशकों से लगातार देश भर में बच्चों की जिंदगी तक पहुंचने और उनके जीवन में रंग घोलने की कोशिश कर रहा है। पारंपरिक लोककलाओं और लोक नाट्य के प्रदर्शन के अलावा हम देश के विभिन्न भागों में बच्चों के लिए सक्रिय कार्यशालाएं आयोजित कर रहे हैं। यह समारोह बच्चों को कम उम्र में ही अनुभव और खुलकर भागीदारी करने का मौका देता है।जिससे बच्चे भविष्य में लोक, पारंपरिक लोक कलाओं और लोक नाट्य के क्षेत्र में निश्चित रूप से कुछ अलग हटकर करने के लिए प्रोत्साहित होंगे।”

बाल संगम ने उन युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया है, जिन्हें कभी अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन का मौका नहीं मिला है। इन बच्चों की परफॉर्मेंस को कभी राष्ट्रीय स्तर पर नहीं देखा गया। लॉन्ग मैन, राजस्थानी कठपुतली, बहरुपिया और जादूगर महोत्सव का विशेष आकर्षण है। महोत्सव के दैरान कई कला और शिल्प से संबंधित कार्यशालाओं का आयोजन किया गया।

इस वर्ष महोत्सव में 12 राज्यों के कुल 15 नाट्य और कला संस्थान हिस्सा ले रहे हैं। झारखंड का भावेश चाऊ नृत्य कला केंद्र खरसामा चाउन शोली नृत्य पेश करेगा। इसी तरह मणिपुर में थांग-ता सांस्कृतिक संघ की लोक कला पेश करेगा। राजस्थान में मानगनियार ग्रुप राजस्थानी लोक कला के नजारे पेश करेगा। ओडिशा की आराधना डांस एकेडेमी गोटिपुआ डांस परफॉर्मेंस पेश करेगी। असम के सिफुंग हरियुम अफाद की तरफ से बोडो लोक कला, तेलंगाना के कुंता सादियाह ओग्गुडोलु ग्रुप की ओर से ओग्गुडोलु, केरल के हिंदुस्तान कलारी संगम की ओर से कलारीपपायत, पंजाब में पंजाबी लोक कला केंद्र का पंजाबी लोकनृत्य पेश किया जाएगा। मध्यप्रदेश के प्रतिकल्प संस्कृत संस्थान की ओर से मालवी लोक नृत्य पेश किया जाएगा। गुजरात के कलरव सेवा ट्रस्ट की ओर से गुजराती लोक नृत्य, ओडिशा के बिचित्र बरनाली नृत्य संसदा की ओर से कांधेई नाता (कठपुतली नृत्य) कोठिशाला, तिवा भाखा की ओर से तिवा, असम की संस्कृति चर्चा समिति की ओर से परफॉर्मेंस पेश की जाएगी। असम के मंजुला कला केंद्र की राम विजय के रूप में लोक कला और पारंपरिक थियेटर परफॉर्मेंस पेश की जाएगी। जम्मू-कश्मीर के नेशनल भांड सेंटर में गोसियान पाथेर और कर्नाटक के यक्षगान केंद्र की ओर से यक्षगान डांस ड्रामा पेश किया जाएगा।

बाल संगम बच्चों की ओर से पेश विभिन्न पारंपरिक कला रूपों का एक समूह है। इसका उद्देश्य बच्चों को पारंपरिक प्रदर्शन जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है। इससे तेजी से बदलती दुनिया में सांस्कृतिक विरासत की रक्षा होगी। बाल संगम 2019 का महोत्सव 9 नवंबर को काफी धूमधाम से शुरू किया गया। यह भगवानदास रोड पर स्थित राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के नई दिल्ली परिसर में यह महोत्सव 12 नवंबर 2019 तक चलेगा। महोत्सव का समय शाम 4.00 बजे से 8.00 बजे रात तक होगा। इस महोत्सव में एंट्री मुफ्त होगी।

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