Home दिल्ली ख़ास कला/साहित्य / संस्कृति 39वें व्यापार मेले के पहले विकेण्ड पर बिहार पवेलियन में उमड़ी भीड़, लोगों ने ली जमकर सेल्फी

39वें व्यापार मेले के पहले विकेण्ड पर बिहार पवेलियन में उमड़ी भीड़, लोगों ने ली जमकर सेल्फी

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  • हैंड पेंटिंग से सजे बिहार पवेलियन ने लोगों को लुभाया लोगों तो पवेलियन में सजी पेंटिंग के साथ जमकर सेल्फी लेते दिखे दर्शक।
  • उतराखण्ड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने किया बिहार पवेलियन का दौरा।

नई दिल्ली : 39वें अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला के पहले विकेण्ड पर बिहार पवेलियन में  काफी भीड उमड़ी ।लागों ने बिहार के नायाब हैण्डलूम एवं हेंडीक्राफ्ट के उत्पादांे के स्टाॅल से धागे की सतरंगी ज्वेलरी, भागलपुरी सिल्क साड़ी, मिथिला पेंटिंग आदि की जमकर खरीदारी की।  उतराखण्ड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने भी आज बिहार पवेलियन देखने पहुचे एवं पवेलियन के सभी स्टाॅलों  का भ्रमण किया। पवेलियन के निदेशक उमेश कुमार, एवं बिहार पवेलियन के मेला प्रभारी धर्मेंद्र कुमार ने सतपाल महाराज को पवेलियन में लगे बिहार के नायाब हैण्डलूम एवं हेंडीक्राफ्ट के उत्पादों के बारे मे विस्तार से बताया । मंडप के केंद्र में  टेरेकोटा कला से बने सात निश्चय वृक्ष के अंदर बिहार के चार मुख्य शिल्प कला-टेराकोटा, सिकी आर्ट, टिकुली आर्ट एवं स्टोन क्राफ्ट का जीवंत प्रदर्शन देख सतपाल महाराज काफी प्रभावित हुए एवं कलाकारों की जमकर सराहना की।

बिहार के चार प्रमुख शिल्पकला के हैंड पेंटिंग से सजा पूरा बिहार पवेलियन ने लोगों को  आज जमकर लुभाया एवं यहां आने वाले हर कोई बिहार पवेलियन के तस्वीर को अपने कैमरे एवं मोबाइल के कैमरे में कैद करते एवं सेल्फी लेते नजर आये।
दिल्ली के प्रगति मैदान में 14 से 27 नवम्बर तक चलने वाले अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में बिहार मंडप इस बार फोकस राज्य है एवं बिहार मंडप को इस बार आई.टी.पी.ओ. द्वारा इस वर्ष मेले की थीम “इज ऑफ डुइंग बिजनेश” के अनुरुप नायाब रूप दिया गया है। बिहार मंडप  के निदेशक उमेश कुमार ने कहा कि बिहार मंडप में बिहार सरकार के सात निश्चय योजना के तहत स्टार्टप के लिए 10 वर्षों के लिए  ब्याज मुक्त 10 लाख रूपये के साथ आमंत्रण को भी पैनलों के माध्यम से यहां आने वाले लागों को जानकारी दी जा रही है।

बिहार मंडप  के निदेशक उमेश कुमार ने कहा कि बिहार मंडप का मुख्य आकर्षण इस बार  बिहार मंडप के मध्य भाग में बिहार के सात निश्चय के वृक्ष रूपी मॉडल बनाया गया है, जिसके नीचे बीहार के चार प्रमुख शिल्प कला का जीवंत प्रदर्शन (लाइव डेमो) किया गया है। टेराकोटा शिल्क का लाइव डेमो स्टेट अवार्ड विजेता पटना की नीतु सिन्हा ,टिकुली कला की लाइव डेमो स्टेट अवार्ड विजेता सबीना इमाम वहीं सिक्की कला की जीवंत प्रदर्शन रैयाम मधुबनी की राज पुरस्कार विजेता मुन्नी देवी तथा कैमूर से राज पुरस्कार विजेता संतोष कुमार गुप्ता स्टोन क्राफ्ट का प्रदर्शन कर रहे हैं। श्री सिन्हा ने बताया कि इस बार बिहार पवेलियन में हेंडलुम एवं हेंडीक्राफ्ट के 16 स्टाल है जिनमें 8  हेंडलुम और 8 हेंडीक्राफ्ट के है। इन स्टॉलों पर बिहार के पारंपरिक हस्तकलाओं एवं हस्तकरघा उत्पाद जिनमें नालंदा का बाबन बूटी, भागलपुर का सिल्क, मिथिलांचल का मधुबनी पेंटिंग, पटना की टीकुली कला इत्यादि को स्थान दिया गया है।

उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंघान संस्थान के निदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने बताया कि विगत 6 वर्षों से हमारी संस्थान को बिहार मंडप के आयोजन की जिम्मेदारी दी जा रही हैऔर इन 6 वर्षों में चार बार बिहार गोल्ड मेडल जीतने में कामयाब रहा है। इस बार भी हमरा प्रयास है कि हम अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन, थीम के अनुरूप सजावाट, आयोजन एवं संचालन से बिहार पवेलियन को 5वीं बार गोल्ड दिलाएं। फूड कोर्ट में बिहार के लिट्टी चोखा सहित अन्य स्वादिस्ट व्यंजनों के दो स्टॉल लगाए गये हैं। व्यापार मेले के दौरान 21 नवंबर को बिहार दिवस का आयोजन किया जाएगा, जिसके अन्तर्गत बिहार मंडम के विधिवत उद्घाटन एवं सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा।

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