Home खबरें सर्दी और बूंदा-बांदी के बावजूद भी उमड़ा पुस्तक मेले में पुस्तक प्रेमियों का प्रेम

सर्दी और बूंदा-बांदी के बावजूद भी उमड़ा पुस्तक मेले में पुस्तक प्रेमियों का प्रेम

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नई दिल्ली : पुस्तक मेले के आज चैथे दिन सुबह से ही प्रगति मैदान में पुस्तक पे्रमियों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। आसमान में हल्के बादलों के कारण धूप-छाँही मौसम के बावजूद भारी संख्या में मेला पे्रमियों का हुजूम प्रगति मैदान की ओर उमड़ पड़ा। नजदीकी मेट्रो स्टेशनों पर लंबी-लंबी कतारें देखी गयीं।

बाल मंडप -बाल मंडप में साहित्य अकादेमी द्वारा प्रसिद्ध बाल साहित्यकारों का आयोजन हुआ। गंगा देवी स्कूल, डायमंड पब्लिक स्कूल, एकता मॉडर्न पब्लिक स्कूल, ए. आर. डी. पब्लिक स्कूल और अन्य स्कूलों से छात्र उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता थे- लेखक श्रीमती पारो आनंद, प्रसिद्ध कलाकार आबिद सुरती, लेखक अनिल जायसवाल और साहित्य अकादेमी से अजय कुमार शर्मा । अजय कुमार शर्मा ने कहा कि एक लेखक एक शिक्षक भी होता ह,ै किंतु वह थोड़ा अलग है क्योंकि वह अपनी पुस्तकों के माध्यम से सिखाता है। पारो आनंद ने कहानी सुनाते हुए यह बताया कि एक व्यक्ति जो एक किताब पढ़ता या लिखता है, वह कई तरह का जीवन जी सकता है क्योंकि वह आपको अलग-अलग भाव-लोक में ले जाता है। आबिद सुरती ने श्रोताओं को पानी की बचत और उनके द्वारा की गई पहल के बारे में बताया। अनिल जायसवाल ने बच्चों को रोचक कहानियां सुनाईं। उनका मानना था कि कहानियां हमारे आस-पास ही अस्तित्व में होती हैं, हमें उन्हें केवल खोजने की जरूरत है। विमर्शकार इस बात पर एकमत थे कि एक कलाकार या लेखक के भीतर अपनी कला के प्रति जज्बा पागलपन की हद तक होना जरूरी है।

बाल मंडप का दूसरा आयोजन मिराज किड्स वल्र्ड एंड मिराज इंटरनेशनल स्कूल द्वारा ‘जीवन में शिष्टाचार और खुशी‘ शीर्षक की एक लघु नाटिका का मंचन था। ऐसा देखा गया है कि आज हमारे जीवन से खुशियों के पल लुप्त होते जा रहे हैं, हमें उन्हें प्राप्त करने के पर्याप्त उपाय करने चाहिए। बच्चों ने बताया कि उन्हें कौन-कौन से काम करने से खुशी मिलती है। बाल मंडप में ही आज तीसरा आयोजन किड्स मोटिवेशनल ग्रुप द्वारा ‘स्लोगन-राइटिंग पोस्टर मेकिंग‘ शीर्षक कार्यक्रम था। संचालक सनाउल्लाह खान ने प्रतियोगिता को जीनियस चाइल्ड क्रिएटिव कॉन्टेस्ट बताया। मंडप में उपस्थित सभी बच्चों के लिए प्रतियोगिता खुली हुई थी। बच्चों को मौके पर ही ’स्वच्छ भारत‘ विषय दिया गया। हमारे देश में स्वच्छता और इसके महत्व के बारे में बच्चों को विषय दिया गया था और देश में बदलाव लाने के लिए युवा कैसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। विभिन्न स्कूलों के कई छात्रों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। किड्स मोटिवेशनल ग्रुप ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिए।

आकृति प्रकाशन द्वारा ‘जंक फूड और भोजन का अधिकार‘ विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन किया गया। चर्चा में पोषण विशेषज्ञ शिवानी, सोफिया पब्लिक स्कूल से डॉ. भारती और आहार विशेषज्ञ डाॅ. मनीषा ने भाग लिया। विभिन्न स्कूलों के बच्चों से जंक फूड के बारे में कुछ बुनियादी सवाल पूछे। मनीषा ने साझा किया कि हालांकि फास्ट फूड मनभावन लगता है, इसके लिए हमेशा एक और स्वस्थ विकल्प होता है। शिवानी ने स्वस्थ खाद्य पदार्थों के बारे में बात की। बच्चों को बताया गया कि कच्चे फल और सब्जी खाना एक आवश्यकता है। बच्चों को पोषक तत्वों के महत्व के बारे में बताया गया। शिक्षक भारती का मानना था कि युवाओं और बच्चों में जंक फूड का चलन आधुनिकीकरण के दौर का अभिशाप है। कार्यक्रम का संचालन राशिद ने किया।

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