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अर्थ-ए कल्चर फेस्ट : पहले दिन शानदार प्रदर्शनों की साक्षी बनी राजधानी

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Shri Subhash Chandra_Shreyasi Goenka_Vikram Sampath and Sudhir Chaudhary inaugurating Arth in Delhi

नई दिल्ली : भारत के सर्वाधिक समृद्ध एवं जीवंत सांस्कृतिक महोत्सव में शुमार अर्थ-ए कल्चर फेस्ट के पहले दिन यहां आने वालों को रोमांचक अनुभव हुआ। जी लाइव की ओर से देश का दिल कही जाने वाली राजधानी दिल्ली के जवाहरलाल नेहरु स्टेडियम में आयोजित इस महोत्सव में पहले दिन दर्शकों को देश की संस्कृति को समझने का मौका मिला। इस महोत्सव में विभिन्न पैनल चर्चा और प्रदर्शनों के जरिये देश की कला, संस्कृति, साहित्य, इतिहास और समाज को जानने-समझने का अवसर मिला।
महोत्सव के पहले दिन देश के कई ख्याति प्राप्त वक्ताओं ने हिस्सा लिया। महोत्सव की शुरुआत तारापद रजक के शानदार प्रदर्शन से हुई। इसके बाद दीप प्रज्वलन और श्री सुभाष चंद्रा (चेयरमैन, एस्सेल ग्रुप एवं राज्यसभा सदस्य) का संबोधन हुआ। श्रेयसी गोयनका (अर्थ की संस्थापक) और विक्रम संपत (फेस्टिवल डायरेक्टर, अर्थ) ने भी लोगों को संबोधित किया।

पैनल चर्चा के दौरान सुजॉय प्रसाद चटर्जी ने गीता चंद्रन, माधवी मुद्गल, मेथिल देविका, शोभना नारायण से भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समझ विषय पर बात की। इसी तरह हिमानी मित्तल, के.वी. कृष्णन, संजीव सान्याल, सतीश के.एस. और वसुदेव ऐतल के साथ ‘ऋग्वेद पर पुनर्चर्चा’ विषय परय किश्वर देसाई, मीनाक्षी जैन, सरदिन्दु मुखर्जी के साथ मकरंद परांजपे ने ‘बंटवारे के दर्द’ विषय परय लॉर्ड मेघनाद देसाई व संजीव सान्याल के साथ ‘यह किसकी अर्थव्यवस्था है’ विषय पर तथा श्याम भट्ट, योगिनी शांभवी के साथ विक्रम संपत ने ‘खुश रहने की वजहें’ विषय पर पैनल चर्चा की गई।

महोत्सव के पहले दिन भारतीय लेखक अश्विन सांघी की ‘विष्णु की तिजोरी’ पुस्तक का विमोचन और तत्पश्चात इतिहास एवं मिथकों पर समकालीन संदर्भों में चर्चा भी हुई। दर्शक कुमार विश्वास, शुभा मुद्गल और सुरम नाथ के शानदान गीत एवं नृत्य प्रदर्शनों के भी साक्षी बने।

महोत्सव में उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन व राज्यसभा सदस्य श्री सुभाष चंद्रा ने कहा, “हमारे देश की समृद्ध संस्कृति में मानव समाज की हर समस्या का समाधान है और वैज्ञानिक आधार पर यह पुष्ट हो चुका है। हमें अपनी समृद्ध परंपरा एवं विरासत का सम्मान करना चाहिए। हमारी संस्कृति को समझने व जीने की दिशा में एक रोचक मंच देने की दिशा में शानदार कदम उठाने के लिए जी लाइव को बधाई देता हूं।”

जी लाइव के सीओओ व बिजनेस हेड स्वरूप बनर्जी ने कहा, “देश में कई साहित्य एवं कला महोत्सव हुए हैं। इसमें अर्थ-ए कल्चर फेस्ट ने अपनी खास पहचान बनाई है। अर्थ मौजूदा दौर में देश का पहला बहुक्षेत्रीय सांस्कृतिक महोत्सव है। अर्थ महोत्सव कला, संस्कृति, साहित्य, इतिहास, राजनीति, समाज एवं भारत की जड़ों से जुड़े सभी विषयों के जरिये देश की जड़ों से जुड़ने और उन्हें जानने का मौका देता है। इस तीन दिवसीय महोत्सव में करीब 200 लेखक, कवि, कलाकार, बृद्धिजीवी, वैज्ञानिक, साहित्यकार, इतिहासकार एवं अर्थशास्त्री युवाओं को अपने विचारों से प्रेरित करेंगे। लाखों की संख्या में लाइव स्ट्रीमिंग भी होगी। लोगों का उत्साह देखना बेहद सुकून देने वाला है।”

अश्विन सांघी ने कहा कि अर्थ को कई अलग-अलग तरह से समझा जा सकता है। अर्थ से मेरा जुड़ाव मेरी पुस्तक चाणक्य के समय से है। चाणक्य पुस्तक के लिए मुझे अर्थ शास्त्र का व्यापक अध्ययन करना पड़ा था, जो धन का विज्ञान है। मेरे लिए वास्तविक संपत्ति सरस्वती से आती है और अर्थ में हम यही करते हैं। हम इसे कई व्यापक अर्थ देते हैं। इसमें समृद्धि से आने वाला ज्ञान और ज्ञान से आने वाली समृद्धि, दोनों शामिल हैं। शुभा मुद्गल ने भी अर्थ महोत्सव से जुड़ने का अनुभव साझा किया।

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