Home खबरें कृष्णाष्टमी में पंचामृत के भोग का विशेष महत्व…

कृष्णाष्टमी में पंचामृत के भोग का विशेष महत्व…

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  • विनोद तकियावाला, स्वतंत्र पत्रकार

नई दिल्ली :  इस साल देश भर में ग्यारह और बारह अगस्त को कृष्णाष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। हालाकि इस बर्ष कोरोना संकट काल में भव्य सामुहिकआयोजन करना सम्भव नही होगा । इस लिए सभी कृष्ण भक्त अपने अपने घरो में ही अपने आराध्य श्री कृष्ण के जम्मोत्सव का आयोजन कर शोसल डिसटेन्सीग का पालन करेगें..

हाथी घोडा पालकी

जय कन्हैया लाल की

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी ।

हे नाथ नारायण बासुदेवाय

कृष्ण प्रेमी भक्तो मानते है कि भगवान श्रीकृष्ण को मीठा बहुत प्रिय था । जन्माष्टमी के दिन प्रसाद के लिए बहुत सारे पकवान बनाए जाते हैं। आटे की पंजीरी उसमें से एक है। इसे बनाना बहुत ही आसान है। इसमें पड़ने वाली सामग्री का ध्यान रखा जाए तो यह बहुत स्वादिष्ट बनती है। एक कड़ाही में थोड़ा सा घी गर्मकर खरबूजे के बीज भून लें। हल्के सुनहरे होने के बाद इन्हें निकाल कर अलग रख दें। फिर कड़ाही में घी डालें और कटे हुए मेवे डालकर तल लें। एक बार फिर कड़ाही में घी डालें और आटे को धीमी आंच पर सुनहरा होने तक भूनें। इसके बाद इसमें मेवा और खरबूजे के बीज डाल दें। सामग्री के ठंडा होने पर पिसी हुई चीनी मिलाएं। इस तरह पंजीरी तैयार हो जाएगी। स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें पिसी हुई छोटी इलायची भी मिला सकती हैं।

माखन मिश्री-लड्डू गोपाल को माखन चोर भी कहा जाता है। लड्डू गोपाल को माखन मिश्री बहुत पसंद है। आप जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल को माखन मिश्री का प्रसाद भी चढ़ा सकती है। आप इसे ऐसे तैयार करें- एक बड़े बर्तन में दही डालें। फिर उसे मथानी से मथें। इसके बाद दही को ब्लेंडर में डालें। ब्लेंड करने से आसानी से मक्खन निकल आता है। मक्खन को एक कटोरी में निकालें और ऊपर से मिश्री और कटे हुए पिस्ता, बादाम आदि डाल दें। सुगंध और स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें केसर भी डाल सकती हैं। मखाना पाग-लड्डू गोपाल को मखाना पाग भी बहुत पसंद है। इसे आसानी से बनाया जा सकता है। मखाने के साथ अन्य मेवा भी पाग सकती हैं। ऐसे तैयार करें- मखानों को देसी घी में अच्छे से तलें। इसके बाद शक्कर की गाढ़ी चाशनी बनाएं और उसमें मखानों को डुबो दें। इसी प्रकार से आप अन्य मेवों को भी चाशनी में डुबोकर तैयार कर सकती हैं।

पंचामृत-जन्माष्टमी में पंचामृत का विशेष महत्व है। यह ऐसा प्रसाद है जिससे लड्डू गोपाल को नहलाया जाता है और इस पंचामृत को प्रसाद की तरह लोग पीते हैं। ऐसे तैयार करें- एक बर्तन में दही लें और अच्छे से फेंट लें। फिर इसमें दूध, शहद, गंगाजल और तुलसी डालें। इसके साथ ही इसमें मखाना, गरी, चिरौंजी, किशमिश, छुआरा आदि मेवा डालें। अंत में थोड़ा सा घी डालें। पंचामृत तैयार है। मखाने की खीर- लड्डू गोपाल को दूध, घी, मक्खन और मेवे से बने विभिन्न प्रकार के पकवान बहुत पसंद हैं। लड्डू गोपाल को खीर भी प्रसाद के तौर पर चढ़ाई जाती है। ऐसे तैयार करें- काजू और बादाम को महीन-महीन काटकर अलग रख लें। मखानों को काट लें और दरदरा पीस लें। अब एक बर्तन में घी गरम करें। इसमें मखानों को एक मिनट के लिए भून लें। फिर इसमें दूध डालकर उबालें। मखाने गल जाएं तब इसमें कटे हुए मेवे और चीनी डालें। बाद में इसमें पिसी हुई छोटी इलायची डालें। अपने भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्व के शुभ अवसर पर पूर्ण श्रद्धा – समपर्ण से प्रेम की रस डाल कर अपर्ण करें । आप का जीवन धन्य हो जायेगें।

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