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अंतरराष्ट्रीय यूजीसी कोर्स भारतीय छात्रों के बीच अधिक लोकप्रिय

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  • अंकित कपूर, मैनेजिंग डायरेक्टर, प्रथम इंटरनेशनल एजुकेशन डेस्क

शिक्षा हर व्यक्ति के जीवन का एक अहम हिस्सा है, जो न सिर्फ पसंद का करियर चुनने में सहायता करती है, बल्कि व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव भी लाती है। अंडरग्रेजुएट पाठ्यक्रमों के लिए अनुमानित छात्रों की बात की जाए, तो सीनियर सेकेंडरी लेवल में लगभग 9 करोड़ हैं और उच्च शिक्षा में लगभग 3.5 करोड़ हैं। लेकिन भारत में अच्छी गुणवत्ता के उच्च शिक्षा संस्थान उपलब्ध न होने के कारण बेहतर शिक्षा प्राप्त करने वालों की संख्या बहुत कम होती है। यही वजह है कि, आज अधिक से अधिक छात्र अंतरराष्ट्रीय शिक्षा की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

पहले माता-पिता अपने बच्चों को विदेश भेजने में हिचकिचाते थे, जिसके कई कारण हुआ करते थे जैसे कि भावनात्मक नियंत्रण, वित्तीय बजट, बच्चे में निर्भर होने वाली प्रकृति, विभिन्न देशों की जीवनशैली व संस्कृति और जागरुकता की कमी। लेकिन उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा को लेकर बढ़ती मांग और देश की स्थिर आर्थिक स्थिति ने इस विचार को कई लोगों के लिए वास्तविकता में बदल दिया है।

आजकल के छात्र उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने लगे हैं। हालांकि, बहुत ज्यादा विकल्प मौजूद होने के कारण कई छात्रों के लिए यह सपना चुनौतीपूर्ण बन जाता है। यूनेस्को के अनुसार, भारत से उच्च शिक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय आवेदन पत्रों में 163 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यही नहीं, 2014 से भारत ने इस मामले में चीन को भी पीछे छोड़ दिया है। इसके कुल आंकड़े और भी अधिक आश्चर्यजनक हैं।

भारतीय छात्रों में अंतरराष्ट्रीय शिक्षा लोकप्रिय क्यों?

आज, अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय द्वारा जिस प्रकार के कोर्स काम्बिनेशन उपलब्ध किए जा रहे हैं, उनसे कौन सा छात्र आकर्षित नहीं होगा? वाटरलू विश्वविद्यालय के अंतर्गत ‘ऑनर्स आर्ट और बिजनेस’ नाम का पाठ्यक्रम हो या यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में भाषा विज्ञान के साथ मनोविज्ञान की पढ़ाई हो, इस प्रकार के पाठ्यक्रम किसी भी छात्र को आकर्षित कर सकते हैं। लेकिल जो छात्र विदेश जाकर पढ़ाई करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें कुछ बातों का खास ख्याल रखने की जरूरत है जैसे कि भाषा, बजट, योग्यता, उपयुक्त देश, भविष्य की योजनाएं आदि। अधूरी रिसर्च के कारण कई छात्र कम विश्वसनीयता वाले विश्वविद्यालयों में प्रवेश ले लेते हैं। जहां तक शिक्षा के खर्च की बात है, तो आज ज्यादातर छात्र सस्ते विश्वविद्यालय खोजते हैं और रोजमर्रा का खर्च उठाने के लिए पार्ट-टाइम जॉब करते हैं। लेकिन यहां सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि छात्रों की बेहतर शिक्षा के लिए शीर्ष विश्वविद्यालय कौन से हैं? इसके लिए छात्रों को विशेषज्ञ के मार्गदर्शन और सहायता की जरूरत है।

अंतरराष्ट्रीय यूजी कोर्स अप्लाइ करने से पहले सही जानकारी जरूरी

दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में पढ़ाई के लिए विश्वविद्यालय, प्रोफाइल निर्माण, समय सीमा, विश्वविद्यालय आवेदन, विजा प्रॉसेसिंग और वित्तीय योजना के विकल्पों पर मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए विशेष टीम की आवश्यकता होती है। छात्रों के लिए प्रफाइल निर्माण के महत्व को समझना जरूरी है। यदि आप शीर्ष विश्वविद्यालय में चुने गए छात्रों की प्रोफाइल को पढेंगे तो उनमें कुछ सामान्य लक्षण होते हैं-समुदाय की चिता यदि आप अपने आस-पास के लोगों या परिस्थितियों के लिए परेशान नहीं होते हैं और स्थिति में सुधार की कोशिश नहीं करते हैं, तो शीर्ष विश्वविद्यालय में मंहगी शिक्षा प्राप्त करना आपके लिए अच्छा विकल्प नहीं है।

पाठ्यक्रम के प्रति रुचि

विश्वविद्यालय को यह सबित करें कि जिस विषय पर आप आवेदन कर रहे हैं उसमें आप गहरी रुचि रखते हैं। केवल विषय में प्राप्त किए गए अंक ही मायने नहीं रखते हैं, बल्कि विषय से संबंधित ओलंपियाड, क्विज या उच्च स्तर के पाठ्यक्रमों में हिस्सा लेना भी जरूरी है।

लीडरशिप और जोखिम उठाने की क्षमता

यह दुनिया भर के बेहतरीन विश्वविद्यालयों में सबसे आम कौशल माना जाता है। यदि आपके अंदर किसी चीज की पहल करने और किसी सकारात्मक बदलाव की ओर बढने की क्षमता है, तो यह विश्वविद्यालयों के लिए बेहद मायने रखता है।
शोध की क्षमता बाहरी अनुसंधान निधि के लिए विश्वविद्यालय आज दबाव में हैं और इसलिए उन्हें ऐसे छात्रों की ज्यादा से ज्यादा जरूरत है, जो एक्सटेंसिव रिसर्च प्रॉजेक्ट लेने की क्षमता रखते हैं। जिन छात्रों ने स्कूल या कॉलेज स्तर पर ही यह कौशल प्राप्त कर लिया है उन्हें निश्चित ही लाभ प्राप्त होगा। उचित मार्गदर्शन उम्मीदवारों को न सिर्फ शीर्ष विश्वविद्यालयों में प्रवेश पाने में सहायक होता है बल्कि स्कॉलरशिप पाने में भी मदद करता है। छात्रों को उनकी योग्यता और क्षमता को देखते हुए सबसे बेहतर कोर्स चुनने के लिए प्रेरित करना एक महत्वपूर्ण कार्य है। सभी को यह समझने की आवश्यकता है कि शीर्ष विश्वविद्यालय केवल एक छात्र नहीं बल्कि एक अलग व्यक्तित्व की खोज करते हैं। इसलिए जरूरी बात यह है कि स्कूली गतिविधियों को संतुलित करके और उचित रणनीति के साथ छात्रों की प्रोफाइल को बेहतर किया जा सकता है।

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