Home दिल्ली ख़ास इतिहास /पुरातत्व 23 मार्च शहीदी दिवस पर विशेष : डीयू में भगत सिंह की कोठरी के देख सकेंगें छात्र

23 मार्च शहीदी दिवस पर विशेष : डीयू में भगत सिंह की कोठरी के देख सकेंगें छात्र

20 second read
0
1
47

शहीद भगत सिंह और डीयू का करीबी संबंध है। बताया जाता हे कि डीयू के बाइस रीगल लाॅज, (जो अब डीयू कुलपति का आॅफिस है) के तहखाने में बनी कोठरी में एक दिन के लिए भगत सिंह को रखा गया था। डीयू ने यह कोठरी संरक्षित की हैं कोठरी में सुराही, लालटेन, शहीदों के चित्र और एक खाट रखी गई है। यह कोठरी अब डीयू के काॅलेज विद्यार्थियों के लिए खोल दी जाएगी और वे इसका भ्रमण कर सकेंगें।

ऐसेंबली में बम फेंकने के मामले में रखा गया था यहा : डीयू में इतिहास की प्राध्यापिका डाॅ. अमृत कौर बसरा बतीत हैं कि 2005 में वाइस रीगल लाॅज का जब नवीनीकरण किया जा रहा था तभी भगत सिंह की कोठरी का भी नवीनीकरण किया गया। लेकिन, इसका उद्घाटन तब नहीं हुआ था। भगत सिंह ने पहले लाहौर में बनी सैंडर्स की हत्या और उसके बाद दिल्ली की केंद्रीय संसद (सेंट्रल असेम्बली) में बम विस्फोट कर ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध विद्रोह का ऐलान किया था, उन्होंने असेम्बली में बम फेंकर भागने से भी मना कर दिया, जिसके बाद 23 मार्च 1931 को इनके दो अन्य साथियों, राजगुरू और सुखदेव के साथ लाहौर में फांसी पर लटका दिया गया। असेंबली में बम फेंकने के आरोप में ही ट्राॅयल के दौरान एक दिन के लिए भगतसिंह को यहां रखा गया था।

बता दें की 23 मार्च भगतसिंह के शहीदी दिवस में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक यह आएंगें और इस कोठरी का उद्घाटन करेंगें। डीयू रजिस्ट्रार विकास गुप्ता ने बताया है कि हम हमारी कोशिश रहेगी कि काॅलेज के तृतीय वर्ष के छात्रों को महीने के दूसरे या चैथे शनिवाद एक समूह में यहां लाएं और बच्चों को भगतसिंह की यह कोठरी से रू-ब-रू कराएं।

दिल्ली संग्रहालय में भी संरक्षित हैं जानकारियां : संग्रहालय के इंचार्ज संजय गर्ग ने बताया कि यहां भगत सिंह से जुड़ी पुस्तकों के अलावा कई मूल प्रतियां हैं। देश के विभिन्न संग्रहालयों को हमने पत्र लिखे थे, जिनके उत्तर आने शुरू हो गए हैं। भगत सिंह से जुड़ी जानकारियां हमारे पास एकत्र हो गई हैं।   साभार : एचटी

Load More Related Articles
Load More By admin
Load More In इतिहास /पुरातत्व

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

नवरात्रों पर विशेष : प्रथम स्वरूप शैलपुत्री

वंदे वांदितलाभाय, चंद्रार्धकृतशेखराम। वृषारूढ़ां शूलधरां शैलपुत्री, यशस्विनीम्।। नवरात्र के…