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वंदना मीडिया नेशनल अवॉर्ड समारोह में मीडिया के मौजूदा दौर पर सार्थक विमर्श

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नई दिल्ली : ग्रेटर नोएडा की नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ने वंदना मीडिया नेशनल अवॉर्ड समारोह में तीन अवॉर्ड झटके। पहला अवॉर्ड एनआईयू के प्रो. चांसलर और यूपी के एक्स डीजीपी प्रो. विक्रम सिंह को हासिल हुआ। उन्हें ‘वंदना मीडिया एक्सेलेंट ओरेटर और इंसपिरेशनल स्पीकर, 2018’ का अवॉर्ड हासिल हुआ। वहीं दूसरा अवॉर्ड एनआईयू के रजिस्ट्रार डॉ. जयानंद को मिला। डॉ. जयानंद को ‘वंदना मीडिया अवॉर्ड फॉर कॉन्ट्रीब्यूशन इन द फील्ड ऑफ रिसर्च, 2018’ हासिल हुआ। वहीं तीसरा अवॉर्ड एनआईयू के स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन के असिस्टेंट प्रोफेसर आदर्श कुमार को मिला-उन्हें ‘वंदना मीडिया बेस्ट एकेडमिशियन इन द फील्ड ऑफ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, 2018’ का अवॉर्ड हासिल हुआ। वहीं डीडी न्यूज के वरिष्ठ एंकर और सीनियर एडिटर अशोक श्रीवास्तव को वंदना मीडिया ‘नरेंद्र मोदी सेंसर्ड-पॉलिटिकल एनालिसिस ऑफ द ईयर’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। उनकी हाल ही में किताब आई है ‘नरेंद्र मोदी सेंसर्ड’।

एनआईयू के रजिस्ट्रार डॉ. जयानंद को वंदना मीडिया अवॉर्ड फॉर कॉन्ट्रीब्यूशन इन द फील्ड ऑफ रिसर्च प्रदान करते ‘द हिंदू बिजनेस लाइन के सीनियर डिप्टी एडिटर शिशिर सिन्हा और आईआईएमसी के डीजी केजी सुरेश।

इसके साथ ही मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर के जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन विभाग के असोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुभाष कुमार को अकेडमिशियन ऑफ द ईयर इन जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, 2018 से सम्मानित किया गया। वहीं जेएनयू के स्कूल ऑफ लैंग्वेज, लिटरेचर एंड कल्चरल स्टडीज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अनिल कुमार सिंह को ‘वंदना मीडिया अकेडमिशियन ऑफ द ईयर इन प्रोमोटिंग ग्लोबल कल्चर, 2018’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। वंदना मीडिया बेस्ट वीडियो एडिटर का अवॉर्ड अर्वित राज को हासिल हुआ तो शाईन दिल्ली से कौशल कुमार को कॉन्ट्रीब्यूशन इन द फील्ड ऑफ डिजिटल मीडिया अवॉर्ड मिला। वहीं विपुल कुमार को वंदना मीडिया डिजिटल मीडिया प्रोड्यूसर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया-जबकि एबीपी न्यूज के डिप्टी प्रोड्यूसर अभिनव शाह को टीवी न्यूज प्रोडक्शन के लिए वंदना मीडिया अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। वंदना मीडिया नेशनल अवॉर्ड समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर ‘द हिंदू बिजनेस लाइन के सीनियर डिप्टी एडिटर शिशिर सिन्हा और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन के डायरेक्टर जनरल केजी सुरेश मौजूद थे। अवॉर्ड विजेताओं को शिशिर सिन्हा और केजी सुरेश ने शील्ड और बुके देकर सम्मानित किया।

केजी सुरेश और वंदना यादव से अपनी किताब ’नरेंद्र मोदी सेंसर्ड’ के लिए अवॉर्ड ग्रहण करते डीडी न्यूज के वरिष्ठ एंकर और सीनियर एडिटर अशोक श्रीवास्तव।

वंदना मीडिया अवॉर्ड समारोह में मीडिया इंडस्ट्री और मीडिया शैक्षिक जगत के बीच दूरी पर भी सार्थक चर्चा हुई। इस विशेष चर्चा के सूत्रधार थे मणिपाल यूनिवर्सिटी के असोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुभाष कुमार। इस चर्चा में मुख्य अतिथि केजी सुरेश ने कहा कि छात्रों के स्किल्स सीखने पर ध्यान देने की जरूरत है-वहीं दूसरे मुख्य अतिथि शिशिर सिन्हा ने आर्थिक जगत की पत्रकारिता के अपने अनुभव साझा किए। चर्चा के दौरान एनआईयू के रजिस्ट्रार डॉ. जयानंद ने कहा कि किसी भी मुद्दे पर बिना रिसर्च के एक सामान्य राय कायम कर लेना ठीक नहीं। डॉ. जयानंद ने मीडिया में रिसर्च की अहमियत पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस विशेष चर्चा में बोलते हुए डीडी न्यूज के वरिष्ठ एंकर अशोक श्रीवास्तव जी ने कहा कि राष्ट्रविरोधी बातों को कई बार सही बताने की कोशिश की जाती है- शिक्षण संस्थानों को सतर्क रहने की जरूरत है कि नौजवान गलत दिशा में ना भटके। वहीं दिल्ली यूनिवर्सिटी के आंबेडकर कॉलेज की असोसिएट प्रोफेसर डॉ. चित्रा सिंह ने कहा कि फिल्म पत्रकारिता के पाठ्यक्रम का अहम हिस्सा है। चर्चा के अंत में डीडी न्यूज के प्राइम टाइम एंकर अशोक श्रीवास्तव की किताब ‘नरेंद्र मोदी सेंसर्ड’ का विमोचन भी हुआ। कार्यक्रम में कई यूनिवर्सिटी के जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन के छात्र भी शामिल हुए।

द हिंदू बिजनेस लाइन के सीनियर डिप्टी एडिटर शिशिर सिन्हा और आईआईएमसी के डीजी केजी सुरेश से ’वंदना मीडिया अवॉर्ड फॉर अकेडमिशियन ऑफ द ईयर इन जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन’ हासिल करते मणिपाल यूनिवर्सिटी के असोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुभाष कुमार।

जेएनयू के स्कूल ऑफ लैंग्वेज, लिटरेचर एंड कल्चरल स्टडीज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अनिल कुमार सिंह को ‘वंदना मीडिया अकेडमिशियन ऑफ द ईयर इन प्रोमोटिंग ग्लोबल कल्चर, 2018’ अवॉर्ड से सम्मानित करते केजी सुरेश और शिशिर सिन्हा।

बता दें कि वंदना मीडिया तेजी से लोकप्रिय हो रहा यू-ट्यूब चैनल है जिसके लिए इंटरव्यू, न्यूज, न्यूज एनालिसिस, कल्चरल इंटरटेनमेंट और अकेडमिक- हर तरह के कंटेंट तैयार किए जाते हैं। वंदना मीडिया यू-ट्यूब की कर्ता-धर्ता वंदना यादव फिलहाल मीडिया अकादमिक जगत में कार्यरत हैं और साथ ही डिजिटल और सोशल मीडिया पर भी बेहद सक्रिय है। डिजिटल एक्सपर्ट के तौर लोकप्रिय वंदना यादव की इस पहल को सभी मीडियाकर्मियों ने सराहा। वंदना यादव के मुताबिक वंदना मीडिया का मकसद है अलग-अलग क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रहे लोगों को जोड़ना और सकारात्मक बातों को अपने दर्शकों के साथ बांटना।

द हिंदू बिजनेस लाइन के सीनियर डिप्टी एडिटर शिशिर सिन्हा और आईआईएमसी के डीजी केजी सुरेश से बेस्ट अकेडमिशियन इन द फील्ड ऑफ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अवॉर्ड हासिल करते आदर्श कुमार।

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