Home दिल्ली ख़ास शिक्षा मीडिया के छात्रों को स्किल सीखने की जरूरत : डॉ. केजी सुरेश

मीडिया के छात्रों को स्किल सीखने की जरूरत : डॉ. केजी सुरेश

8 second read
0
2
166

जेएनयू में आयोजित वंदना मीडिया समारोह में मीडिया इंडस्ट्री और मीडिया एजुकेशन के बीच की दूरी को लेकर व्यापक चर्चा हुई। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन के डायरेक्टर जनरल डॉ. केजी सुरेश ने कहा कि मीडिया एजुकेशन की छोटी-छोटी दुकानें चल रही हैं और ये कहीं भी कभी भी शुरू हो जाती है और जल्द ही बंद भी हो जाती है। अक्सर ऐसा देखा जाता है कि छोटे से लेकर बड़े शहरों तक गली-कूचे में लोग 3 महीने या 6 महीने वाले कोर्स शुरू कर देते हैं। मीडिया एजुकेशन को लेकर कोई रेग्यूलेशन अभी विकसित नहीं हो पाया है। केजी सुरेश के मुताबिक मीडिया इंडस्ट्री और मीडिया एजुकेशन के बीच अभी भी दूरी पूरी तरह मिटी नहीं है। केजी सुरेश ने कहा कि हम छात्रों को मीडिया का आदर्श बताकर भेजते हैं लेकिन कई बार मीडिया में स्थिति अलग होती है- हालांकि हम सभी की कोशिश होती है कि ये दूरी खत्म हो, इसके लिए मीडियाकर्मियों को भी आगे आने की जरूरत है। केजी सुरेश की माने तो छात्रों का भाषा सीखने पर कम जोर होता है- ये चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि पत्रकारित के छात्र अगर रोज अखबार नहीं पढ़ेंगे तो फिर वो किस तरह काम कर पाएंगे। डॉ. केजी सुरेश के मुताबिक आज इस बात की जरूरत है कि छात्र केवल नौकरी का ही लक्ष्य लेकर ना चले बल्कि खुद अपना स्वतंत्र पत्रकारिता कर सकते हैं-ऑनलाइन मीडिया भी एक विकल्प है।

इस विशेष चर्चा के सूत्रधार थे मणिपाल यूनिवर्सिटी के जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन विभाग के असोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुभाष कुमार। दूसरे मुख्य अतिथि बिजनेस हिंदू लाइन के सीनियर एडिटर व आर्थिक जगत के मशहूर पत्रकार शिशिर सिन्हा ने आर्थिक जगत की पत्रकारिता के अपने अनुभव साझा किए और विस्तार से बताया कि मीडिया एजुकेशन में किन-किन बातों पर ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। चर्चा के दौरान एनआईयू के रजिस्ट्रार डॉ. जयानंद ने कहा कि किसी भी मुद्दे पर बिना रिसर्च के एक सामान्य राय कायम कर लेना ठीक नहीं। डॉ. जयानंद ने मीडिया में रिसर्च की अहमियत पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस विशेष चर्चा में बोलते हुए डीडी न्यूज के वरिष्ठ एंकर अशोक श्रीवास्तव जी ने कहा कि राष्ट्रविरोधी बातों को कई बार सही बताने की कोशिश की जाती है- शिक्षण संस्थानों को सतर्क रहने की जरूरत है कि नौजवान गलत दिशा में ना भटके। वहीं दिल्ली यूनिवर्सिटी के आंबेडकर कॉलेज की असोसिएट प्रोफेसर डॉ. चित्रा सिंह ने कहा कि फिल्म पत्रकारिता के पाठ्यक्रम का अहम हिस्सा है। चर्चा के अंत में डीडी न्यूज के प्राइम टाइम एंकर अशोक श्रीवास्तव की किताब ‘नरेंद्र मोदी सेंसर्ड’ का विमोचन भी हुआ। कार्यक्रम में कई यूनिवर्सिटी के जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन के छात्र भी शामिल हुए।

बता दें कि वंदना मीडिया तेजी से लोकप्रिय हो रहा यू-ट्यूब चैनल है जिसके लिए इंटरव्यू, न्यूज, न्यूज एनालिसिस, कल्चरल इंटरटेनमेंट और अकेडमिक-हर तरह के कंटेंट तैयार किए जाते हैं। वंदना मीडिया यू-ट्यूब की कर्ता-धर्ता वंदना यादव फिलहाल मीडिया अकादमिक जगत में कार्यरत हैं और साथ ही डिजिटल और सोशल मीडिया पर भी बेहद सक्रिय है। डिजिटल मीडिया एक्सपर्ट के तौर लोकप्रिय वंदना यादव की इस पहल को सभी मीडियाकर्मियों ने सराहा। वंदना यादव के मुताबिक वंदना मीडिया का मकसद है अलग-अलग क्षेत्र में बेहतर कर रहे लोगों को जोड़ना और सकारात्मक बातों को अपने दर्शकों के साथ बांटना।

Load More Related Articles
Load More By admin
Load More In शिक्षा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

अमेज़ॅन प्राइम वीडियो ने आगामी अमेज़ॅन ओरिजिनल “माइंड द मल्होत्रास“ का पहला लुक किया रिलीज

नेशनल : अमेज़न प्राइम वीडियो ने ऐपलॉज एंटरटेनमेंट के साथ अपनी आगामी अमेजन ओरिजिनल सीरीज़ “मा…