65 से ज़्यादा उम्र की महिलाएं रखें अपनी सेहत का अतिरिक्त ध्यान

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  • जीवनशैली के सरल और मूलभूत रोकथाम आधारित कदम उठा कर बढ़ती उम्र के साथ स्वास्थ्य समस्याओं को रोका जा सकता है।

पुरुषों की तुलना में महिलाओं को अर्थरायटस, हाई ब्लड प्रैशर और ओस्टियोपोरोसिस जैसी लंबी और लगातार चलने वाली बीमारियों का ज़्यादा सामना करना पड़ता है। महिलाओं को अनेक स्वास्थ्य समस्याएं होने का ज़्यादा ख़तरा होता है।

इस बारे में जानकारी आईएमए के नैशनल प्रेसीडेंट एंव एचसीएफआई के प्रेसीडेंट पद्मश्री डॉ केके अग्रवाल और आईएमए के जनरल सेक्रेटरी डाॅ आरएन टंडन कहते हैं कि 65 की उम्र के बाद महिलाओं में दिल के रोग अर्थरायटस जैसी प्रमुख स्वास्थय समस्याएं पैदा होती हैं। हाईपरटैंशन और थायरायड करीबी से दूसरे नम्बर पर आती हैं। दिल के दौरे और स्ट्रोक से होने वाले अधरंग से बचने के लिए एस्प्रिन की छोटी ख़ुराक लेनी चाहिए। इस उम्र में एस्प्रिन से दिल के दौरे और स्ट्रोक से बचाव होता है। हाई रिस्क वाले मरीज़ों के लिए एस्प्रिन की अधिकतम ख़ुराक 325 एमजी प्रतिदिन हो सकती है। इस बारे में अपने डाॅक्टर की सलाह लें। बढ़ती उम्र के साथ चुस्त रहना आवश्यक हो जाता है। अगर आप पूरी तरह से स्वस्थ भी महसूस करें तो साल में एक बार स्वास्थ्य जांच ज़रूर करवा लेनी चाहिए। डाक्टर की सलाह अनुसार दवाएं लें और अगर इनके साईड इफैक्टस या कोई समस्या हो तो डाॅक्टर को बताएं।

डॉ. अग्रवाल कहते हैं कि खानपान की बढ़ती उम्र में अह्म भूमिका होती है। दिन में दो बार फल और सब्ज़ियां खाने को प्राथमिकता दें। इसे छोड़े मत। विभिन्न किस्मों के फल और सब्ज़ियां खाएं। पालक, हरी पत्तेदार, गाजर संतरे जैसे गहरे रंग, गहरे हरे, चमकीले पीले और संतरी फल-सब्ज़ियां चुनें। फाइबर युक्त सम्पूर्ण अनाज की ब्रेड और कम चर्बी वाला दूध, पनीर और दहीं लें।

इन बातों पर करें गौर-
  • हर रोज़ 30 मिनट कसरत करें। जो वज़न कम करना या संतुलित रखना चाह रहे हैं वह 60 से 90 मिनट तक मध्यम तीव्रता की कसरत हर रोज़ करें।
  • फलों, सम्पूर्ण अनाज और फाइबर युक्त दिल की सेहत के लिए फायदेमंद खुराक लें। शराब और सोडियम का सेवन कम करें।
  • प्रतिदिन आहार में सेचुरेटेड फैट को कैलरीज़ के 7 प्रतिशत तक सीमित रखें।
  • दिल के रोगों के गंभीर खतरे वाली महिलाओं को एलडीएल कोलेस्टरोल 70 से कम रखना चाहिए।
  • हर्मोन रिप्लेसमेंट थैरेपी, सिलेक्टिव एस्ट्रोजन रिसेेप्टर मोडयूलेटर्ज़, एंटीआॅक्सीडेंट्स स्पलीमेंट्स जैसे कि विटामिन सी और ई का प्रयोग दिल के रोगों को रोकने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
  • फोलिक एसिड को दिल के रोगों को रोकने के लिए प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए।
  • तेल युक्त मछली या ओमेगा थ्री फैटी एसिड युक्त अखरोट, फलेक्ससीड या पालक सप्ताह में दो बार ज़रूर लेने चाहिए।
  • धुम्रपान छोड़ दें बल्कि निकोटीन रिप्लेसमेंट या धुम्रपान छोड़नी की दूसरी थैरेपी के बारे में डाॅक्टर की सलाह लें।
  • किडनी खराब होने के लिए ज़िम्मेदार ब्लड प्रैशर पर गौर करें। सामान्य स्तर 120/80 होता है। 129/89 को प्रि-हाईपरटैंशन माना जाता है, जीवनशैली और खानपान मे बदलाव की आवश्यकता होती है। 140/90 या ज़्यादा हो तो ख़तरे के बारे में डाॅक्टर से सलाह लें और इसकी नियमित जांच करें।
  • अपने दिमाग के तंतुओं को व्यस्त रखें। शब्द पहेली, अंक पहेली, और अन्य पहेलिया जो आपको अच्छी लगी उन्हें सुलझाएं। अपने दिमाग को नई चीज़ें करने के काम में लगाएं रखें।

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