शिल्पा शेट्टी कुंद्रा होंगी याकूल्ट डैनोन इंडिया की ब्रांड ऐम्बेसेडर

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  • प्रोबायोटिक्स पर नई जानकारियां प्रोबायोटिक्स और मजबूत सेहत के सहसंबंध की पुष्टि करती हैं..........
  • वैश्विक तौर पर प्रोबायोटिक्स को गैस्ट्रोइंटेस्टिनल और इम्यून जरूरतों को लक्षित करने के तौर पर जाना जाता है जिसमें इंटेंस्टाइन का स्वस्थ फंग्शन, एंटीबायोटिक के प्रति बेहतर प्रतिरोध और विभिन्न बीमारियों के खतरे को संपूर्ण तौर पर कम करना शामिल है। 

नई दिल्ली :
याकूल्ट डैनोन इंडिया प्रा. लि., प्रोबायोटिक्स के दो वैश्विक अग्रणियों जापान की याकूल्ट होन्शा और फ्रांस के डैनोन ग्रुप की 50:50 फीसदी संयुक्त हिस्सेदारी वाला उपक्रम है। कंपनी ने बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी कुंद्रा को अपना नया ब्रांड ऐम्बेसेडर बनाने घोषणा की है। यह कदम कंपनी की उन योजनाओं के तहत उठाया गया है, जिसमें कंपनी भारत के उपभोक्ताओं में प्रोबायोटिक्स और याकूल्ट के स्वास्थ्य संबंधी फायदों को प्रसारित करना चाहती है। इस अवसर पर मिनोरू शिमाडा, मैनेजिंग डायरेक्टर याकूल्ट डैनोन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी कुंद्रा और डॉ. नीरजा हजेला, जनरल मैनेजर-साइंस एंड रेगुलेट्री अफेयर्स, याकूल्ट डैनोन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड मौजूद थे। 

भारत के लाइफस्टाइल संबंधी रोगों का शिकार होने और सेहत संबंधी समस्याओं जैसे असंतुलित डाइट, तनाव, अनिंद्रा, अपर्याप्त शारीरिक गतिविधि, काम के अनियमित घंटे और अधूरे पोषण का खतरा बढ़ रहा है। इन्हें ध्यान में रखते हुए इस बात की तुरंत आवश्यकता है कि कोई ऐसा उपाय किया जाए जिससे इस बढ़ती हुई समस्या को नियंत्रित किया जा सके। दिलचस्प जानकारियां यह दर्शाती हैं कि हमारे शरीर का सबसे प्रतिरोधी अंग या इंटेस्टाइन सेहत की स्थिति पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। इसमें मानव शरीर के 70 फीसदी इम्यून सेल्स होते हैं जिससे हमारी संपूर्ण प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और हम सुरक्षित रहते हैं। 

इस अवसर पर श्री मिनोरू शिमाडा, मैनेजिंग डायरेक्टर, याकूल्ट डैनोन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने कहा, ‘‘अपनी 1.2 मिलयन से ज्यादा की जनसंख्या के साथ भारत हमारी प्राथमिकताओं में बहुत ऊंचा स्थान रखता है। उपभोक्ताओं की सर्वांगीण सेहत में बढ़ती रूचि को देखते हुए आधारभूत पोषण के अलावा स्वास्थ्य लाभ उपलब्ध करवाने वाले फंग्शनल फूड्स का कॉन्सेप्ट बेहद महत्वपूर्ण होता जा रहा है। रोचकपूर्ण तरीके से यह कॉन्सेप्ट जापान में 19वी शाताब्दी की शुरुआत में पेश किया गया था, जब जापान आर्थिक तौर पर कमजोर देश था, लोग बीमारियो की वजह से मर रहे थे और हेल्थ केयर की लागत बहुत ज्यादा थी। फंग्शनल फूड का कॉन्सेप्ट बीमारियों को दवा के स्थान पर खाने के द्वारा ठीक करने पर केंद्रित है। हमारे संस्थापक मिनोरू शिरोटा, जापान की क्योटो यूनिवर्सिटी के माइक्रोबायोलाजिस्ट ने इस बात पर दृढ़ता से विश्वास किया कि रोग मुक्त लंबे जीवन के लिए आंत का सेहतमंद होना इन सबसे प्रमुख है। इस बात का पता लगने पर कि हमारी इंटेंस्टाइन में मौजूद 100 ट्रिलियन बैक्टिरिया सेहत का पता लगाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, उन्होंने आंत को सेहतमंद बनाने और रोगप्रतिरोधकता को बढ़ाने वाले लैक्टोबेसिलस कासी स्ट्रेन शिरोटा (एलसीएस) प्रोबायोटिक बैक्टिरिया को सफलतापूर्णक अलग किया। उन्होंने इसे एक फर्मंटेड मिल्क ड्रिंक के साथ पेश किया जिसे याकूल्ट कहा गया जो 1935 में जापान में पेश की गई थी। याकूल्ट का पेश होना जापान के लोगों की सेहत सुधारने में बहुत लाभकारी रहा जो डायरिया, पेचिश और अन्य संक्रामक रोगों से पीड़ित थे। याकूल्ट का सेवन पूरी दुनिया में 33 देशों और क्षेत्रों के 35 मिलियन लोगों द्वारा किया जाता है। 
भारत में याकूल्ट का निर्माण हरियाणा के सोनीपत में एक अत्याधुनिक उत्पादन इकाई में किया जाता है। हालांकि, याकूल्ट जापान, चीन और इंडोनेशिया में सबसे प्रतिष्ठित ब्रांड है लेकिन प्रोबायोटिक्स के फायदों के प्रति सीमित जागरूकता के कारण भारत हमारे लिए एक चुनौतीपूर्ण बाजार है। हमने अपना ध्यान शिक्षण पर केंद्रित किया है और यह देखकर बेहद खुश है कि इसके स्वास्थ्य संबंधी लाभों को देखते हुए बहुत से भारतीय उपभोक्ता अब याकूल्ट को अपनी डाइट का हिस्सा बना रहे हैं। इसका अंदाजा साल दर साल बढ़ रही ब्रिक्री को देखकर भी लगाया जा सकता है। याकूल्ट के स्थापित स्वास्थ्य लाभों की वजह से हाल में 13 शहरों में चल रहे हमारे बिजनेस में आने वाले सालों में तेजी से वृद्धि देखने को मिलेगी। भारत में हम अपने रीटेल रूट और 260 याकूल्ट लेडीज द्वारा होम डिलेवरी सिस्टम से कार्यसंचालन करते हैं। वैश्विक तौर पर यह बेहद सुदृढ़ प्रणाली है जिसमें 80,000 से ज्यादा याकूल्ट लेडीज हैं जिन्हें हम अच्छी सेहत का अपना ऐम्बेसेडर भी कहते हैं। यह प्रणाली  सिर्फ बिक्री करने के बारे में नहीं है बल्कि इससे कंपनी का वह ध्येय भी परिलक्षित होता है जिसमें वह सभी की अच्छी सेहत को प्रोत्साहित करना चाहती है। 

बॉलीवुड सेलीब्रिटी शिल्पा शेट्टी कुंद्रा के साथ गठबंधन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कंपनी के डाॅयरेक्टर शिमाडा ने कहा, शिल्पा शेट्टी को ब्रांड ऐम्बेसेडर के तौर पर पाकर हमे गर्व है, क्योंकि वे अच्छी सेहत, फिटनेस और ऐक्टिव लाइफस्टाल का पर्याय हैं। सेहत और फिटनेस के स्पेस में खुद को स्थापित करते हुए शिल्पा हमारे मूल आदर्श ’शिरोटा-इज्म’ से पूरी तरह मेल खाती हैं जिसका मुख्य फोकस ’प्रिवेंशन इस बैटर देन क्योर’ (इलाज से बचाव बेहतर है) और ’ए हेल्थी इंटेंस्टाइन लीड्स टू ए लॉन्ग लाइफ’ (स्वस्थ आंत से लंबे जीवन का वरदान मिलता है) के आइडिया पर है। मुझे पूरा विश्वास है कि यह सहभागिता हमारे ब्रांड को और प्रत्यक्ष, जीवंत और सशक्त बनाएगी। शिल्पा के जुड़ने के साथ ही हम याकूल्ट के स्वास्थ्य लाभों को प्रसारित करने वाले नए टेलिविजन कॉमर्शियल और प्रचार की अन्य गतिविधियों के जरिए उपभोक्ताओं तक अपनी पहुंच को बढ़ा सकेंगे।‘‘ 

याकूल्ट के साथ सहयोग से उत्साहित बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी कुंद्रा ने कहा, ‘‘प्रोबायोटिक के बारे में खुलासे से मैं बहुत दंग हूं। मुझे यह जानकार आश्चर्य हो रहा है सेहतमंद आंत अच्छी सेहत के लिए बेहद जरूरी है क्योंकि यह न सिर्फ पोषक तत्वों को सोखती है बल्कि इसमें 70 फीसदी से अधिक प्रतिरोधक सेल्स पाए जाते हैं। मैं ब्रांड्स के साथ अपनी सहभागिता को लेकर बहुत सावधान रहती हूं, इसलिए यह बहुत जरूरी था कि मैं 6.5 बिलियन लैक्टोबेसिलस कासी स्ट्रेन शिरोटा वाली छोटी-सी बोतल के बारे में और अधिक जानने के लिए याकूल्ट की फैक्ट्री जाऊं। सोनीपत की फैक्ट्री का मेरा दौरा आंखें खोल देने वाला रहा और सख्त गुणवत्ता नियंत्रण और विश्वस्तरीय मानकों से मेल खाती हुई अत्याधुनिक उत्पादन इकाई को देखकर मैं बहुत प्रभावित हूं। मैंने यात्रा के दौरान बहुत सारी जानकारी प्राप्त की और यह जाना कि परिवार में सभी के लिए याकूल्ट का नियमित सेवन जरूरी है। इससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और आंत सेहतमंद और मजबूत रहती है। पूरी तरह से संतुष्ट होते हुए अब मैं यह दावा कर सकती हूं कि मैं और मेरा पूरा परिवार रोजाना याकूल्ट का सेवन करेंगे। मैं ब्रांड ऐम्बेसेडर के तौर पर याकूल्ट से जुड़कर बहुत गर्व महसूस कर रही हैं। मैं चाहती हूं की और लोग भी इसके फायदों के बारे में जानें।‘‘ 

डॉ. नीरजा हजेला, जनरल मैनेजर-साइंस एंड रेगुलेट्री अफेयर्स, याकूल्ट डैनोन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के अनुसार, ‘‘इंटेंस्टाइन या आंत को आपकी सेहत का पता लगाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण अंग माना जाता है क्योंकि इसमें 100 ट्रिलियन ऑर्गनिज्म (इंटेस्टिनल फ्लोरा) होता है जिसका वजन लगभग 2 किलोग्राम होता है और इसे ’फॉरगॉटन ऑर्गन’ के तौर पर देखा जाता है। ये ऑगेनिज्म्स खाने के सही पाचन, पोषक तत्वों के ऑब्जर्शन, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और आपको सुरक्षित रखने के लिए बी और के जैसे जरूरी विटामिंस उत्पादित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अनियमित खानपान, तनाव, दूषित परिस्थितियां, एंटीबायोटिक्स, अनिंद्रा और प्रदूषण से इंटेंस्टाइन के फ्लोरा का संतुलन बिगड़ता है जिससे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता पर असर पड़ता है और संक्रमण का शिकार होने का खतरा बढ़ जाता है। वैज्ञानिक शोधों से यह साबित हो चुका है कि प्रोबायेटिक्स जो इंटेंस्टाइन के फ्लोरा को सही करने में लाभकारी होते हैं, से बैलेंस सही होता है और इसलिए इससे सेहत सुधरती है और बीमारियों से सुरक्षा होती है। प्रोबायोटिक्स के लाभ तय होते हैं और यह महत्वपूर्ण है कि हर प्रोबायोटिक्स अपने वैज्ञानिक शोधों से समर्थित हो। लैक्टोबेसिलस कासी स्ट्रेन शिरोटा एक बैक्टिरिया है, जो याकूल्ट में होता है। इसकी सुरक्षा और स्वास्थ्य लाभों की पुष्टि करने के लिये इसे 100 से अधिक मानवीय अध्ययनों के साथ 80 साल से अधिक की वैज्ञानिक विरासत द्वारा समर्थन प्रदान किया गया है।
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