दिल्ली की कंपकंपाती ठंड और मां यमुना के आंचल में लगातार अभ्यास करने के बाद जब दिल्ली के खिलाड़ी मध्यप्रदेश के भोपाल में आयोजित 36वीं नेशनल कैनो स्प्रिंट चैंपियनशिप में उतरे, तो उनके मन में केवल एक ही संकल्प था—पदक जीतकर दिल्ली का नाम रोशन करना। यह दृढ़संकल्प उनकी मेहनत और जुनून के साथ मिलकर जीत में बदल गया और दिल्ली के खिलाड़ियों ने सीनियर मेन और वूमेन वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई पदक हासिल किए।

देशभर से आए खिलाड़ियों के बीच दिल्ली की टीम ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। 1000 मीटर, वूमेन सी-2 में निक्की और सलोनी ने कांस्य पदक जीता। वहीं 1000 मीटर, मेन सी-2 में योगेश और तरुण ने भी कांस्य पदक हासिल किया। वूमेन सी-1 1000 मीटर में निक्की ने व्यक्तिगत रूप से कांस्य पदक जीतकर अपनी क्षमता का परिचय दिया। इसके अलावा 500 मीटर, सी-2 मिक्स में नितिन और सुमेधा ने सिल्वर पदक जीता, जबकि 500 मीटर, मेन सी-2 में योगेश और तरुण ने भी सिल्वर पदक अपने नाम किया।
इन उपलब्धियों पर दिल्ली एसोसिएशन के अध्यक्ष चौधरी त्रिलोचन सिंह ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि दिल्ली के खिलाड़ी वॉटर स्पोर्ट्स में राष्ट्रीय स्तर पर लगातार पदक जीतकर राजधानी का नाम रोशन कर रहे हैं। वहीं सोनिया विहार वॉटर स्पोर्ट्स क्लब के अध्यक्ष कुंवरपाल सिंह ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि दिल्ली की ठिठुरती ठंड में सुबह-शाम की कठिन प्रैक्टिस का फल अब पदकों के रूप में मिला है, जो हम सभी के लिए गर्व की बात है।
खिलाड़ियों की मेहनत, कोचों का मार्गदर्शन और टीम भावना ने इस प्रतियोगिता को यादगार बना दिया। यह जीत न केवल दिल्ली के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करती है कि कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।