दिल्ली बिज़नेस बज़ : समिट, बंद और बाज़ार की हलचल

दिल्ली इन दिनों व्यापारिक गतिविधियों और आर्थिक चर्चाओं का केंद्र बनी हुई है। राजधानी में आयोजित ग्लोबल बिज़नेस समिट 2026 और हाल ही में घोषित भारत बंद ने व्यापार जगत को गहराई से प्रभावित किया है। साथ ही, सोने-चाँदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। आइए विस्तार से देखते हैं कि दिल्ली के व्यापारिक परिदृश्य में क्या हलचल है।

ग्लोबल बिज़नेस समिट 2026 13–14 फ़रवरी को दिल्ली में आयोजित ET Now ग्लोबल बिज़नेस समिट एशिया का सबसे बड़ा नेतृत्व मंच साबित हुआ। इसमें दुनिया भर के उद्योगपति, नीति-निर्माता और निवेशक शामिल हुए। चर्चा का मुख्य विषय था तकनीकी बदलाव, भू-राजनीतिक चुनौतियाँ और पूँजी का पुनर्वितरण। इस सम्मेलन ने भारत को वैश्विक व्यापारिक मानचित्र पर और मज़बूत स्थिति दिलाई।

भारत बंद का असर 12 फ़रवरी को दिल्ली समेत पूरे देश में भारत बंद का आयोजन हुआ। 10 से अधिक ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों ने केंद्र की नीतियों के विरोध में यह कदम उठाया। दिल्ली में बैंकों, परिवहन और कुछ सरकारी कार्यालयों पर इसका असर देखने को मिला। व्यापारिक गतिविधियाँ धीमी रहीं और बाज़ारों में ग्राहक कम दिखाई दिए। अनुमान है कि इस बंद से करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ।

सोना-चाँदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव दिल्ली में सोने और चाँदी की कीमतें लगातार बदल रही हैं। 11 फ़रवरी को 24 कैरेट सोना लगभग ₹1,58,790 प्रति 10 ग्राम पर रहा, जबकि चाँदी ₹2,90,000 प्रति किलो के आसपास रही। निवेशक वैश्विक संकेतों और घरेलू मांग पर नज़र रख रहे हैं। शादी-ब्याह के सीज़न में इन कीमतों का सीधा असर ज्वेलरी कारोबार पर पड़ा है। दिल्ली का व्यापारिक माहौल इस समय मिश्रित है। एक ओर ग्लोबल बिज़नेस समिट ने भविष्य की संभावनाओं को उजागर किया है, वहीं भारत बंद और सोने-चाँदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने बाज़ार को अस्थिर किया है। आने वाले हफ्तों में यह देखना दिलचस्प होगा कि दिल्ली का व्यापार जगत इन चुनौतियों और अवसरों का सामना कैसे करता है।

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