ईरान संकट का असर भारत पर भी दिख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इज़राइल की संसद ‘कनेस्सेट’ में ऐतिहासिक भाषण दिया और हमास हमलों की निंदा की। उन्हें “स्पीकर ऑफ कनेस्सेट मेडल” से सम्मानित किया गया। दूसरी ओर, भारत का बासमती चावल उद्योग संकट में है। ईरान को निर्यात रुकने से हरियाणा की मिलों में लाखों टन चावल अटका हुआ है, जिससे किसानों और व्यापारियों की आजीविका प्रभावित हो रही है। ईरान में फंसे भारतीय छात्र लगातार धमाकों और असुरक्षा की शिकायत कर रहे हैं। पंजाब सरकार ने विदेशों में नागरिकों की मदद के लिए 24×7 हेल्पलाइन शुरू की है। इसी बीच महाराष्ट्र के पालघर जिले में ओलियम गैस रिसाव से 2,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जिनमें 1,600 छात्र शामिल हैं।