ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की अमेरिका-इज़राइल हमले में मौत ने पूरे मध्य पूर्व को संकट में डाल दिया है। इज़राइल ने तेहरान पर नए हमले शुरू कर दिए हैं, वहीं कुवैत ने गलती से अमेरिकी लड़ाकू विमानों को मार गिराया। संयुक्त राष्ट्र ने सैकड़ों मौतों और घायलों की पुष्टि की है। विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना ईरान की मौजूदा शासन व्यवस्था के पतन की शुरुआत हो सकती है। ईरानी नागरिकों में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है—कुछ शोक में हैं तो कुछ आतिशबाज़ी कर जश्न मना रहे हैं। इस बीच हिज़्बुल्लाह ठिकानों पर भी हमले हुए हैं, जिससे संघर्ष ईरान से बाहर फैलने की आशंका बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को डर है कि यह संकट वैश्विक तेल आपूर्ति और बाज़ारों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।