Home Uncategorized मनोरंजन बॉलीवुड वूडपैकर्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में ‘भोर’ की धूम

वूडपैकर्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में ‘भोर’ की धूम

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नई दिल्ली : दिल्ली के सीरीफोर्ट ऑडिटोरियम में आयोजित वूडपैकर्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में बहुचर्चित फिल्म ‘भोर’ ने खूब सूर्खियां बटोरी। करीब 21 राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में दर्शकों और समीक्षकों से वाहवाही हासिल कर चुकी इस फिल्म की रविवार को दिल्ली में ये दूसरी स्क्रीनिंग थी। फिल्म के प्रदर्शन दौरान हर तीसरे-चौथे दृश्य और संवाद पर दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट ने ये साबित कर दिया कि एक बेहद गंभीर विषय पर आधारित फिल्म को भी व्यंग्य की विधा से किस कदर दिलचस्प बनाया जा सकता है। ये फिल्म आपसे संवाद करती है, आपको आईना दिखाती है कि भारत का एक चेहरा ऐसा भी है, जिससे आप अपरिचित हैं, आपकी संवेदनाएं अछूती हैं। मुसहर जाति की एक लड़की शादी के बाद शौचालय बनाने की जिद करती है और गांव से लेकर दिल्ली जैसे महानगर तक उसका ये संघर्ष जारी रहता है। कहानी में कई मोड़ हैं, जहां आप कौतूहल से भर उठते हैं। नलनेश नील के जीवंत अभिनय ने फिल्म में रंग भर दिया है। लंबे अरसे बाद एक फिल्म ऐसी आई है, जिसे हर भारतीय को देखना चाहिए। ये फिल्म आपको भीतर तक झकझोर कर रख देगी।

‘भोर’ के प्रदर्शन के मौके पर दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री और बीजेपी युवा नेता कपिल मिश्रा, प्रख्यात रंगकर्मी अरविंद गौड़, एबीपी न्यूज के पूर्व असोसिएट प्रोड्यूसर और एनआईयू में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आदर्श कुमार, एबीपी न्यूज के पत्रकार विकास कौशिक, आज तक के संवाददाता मणिदीप, एमिटी यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर पूनम गौड़ और एनआईयू की असिस्टेंट प्रोफेसर वंदना यादव ने फिल्म को लेकर अपने विचार प्रकट किए। एनआईयू की असिस्टेंट प्रोफेसर वंदना यादव के सवाल का जवाब देते हुए फिल्म के निर्देशक कामाख्या नारायण सिंह ने कहा कि गांव की जिंदगी ही असली जिंदगी है, जो जीवंतता-सहजता वहां मौजूद है उसे करीब से जीने और महसूस करने की आवश्यकता है। वहीं इस मौके पर टीवी पत्रकार आदर्श कुमार ने दिल्ली यूनिवर्सिटी में कामाख्या नारायण सिंह से जुड़ी यादें साझा की और एक शानदार फिल्म के निर्माण के लिए निर्देशक को बधाई दी।

फिल्म के प्रदर्शन के बाद फिल्म के निर्देशक कामाख्य नारायण सिंह ने फिल्म विधा के संदर्भ में एनआईयू के छात्रों से विस्तार से बातचीत की। एनआईयू के स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन के छात्र पंकज कुमार ओझा, प्रवीण कुमार, जैद जिलानी, प्रतिभा यादव, अपूर्वा चौधरी और अनिकेत कुमार ने फिल्म के निर्देशक से फिल्म मेकिंग के गुर सीखे।

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