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एसरप्योर का धमाकेदार लॉन्च: 7-इन-1 कन्वर्टिबल एसी और ‘आइस ब्लास्ट’ मोड के साथ मिलेगी सुपर कूलिंग और जबरदस्त बचत

2 टन तक की क्षमता 58°C की भीषण गर्मी में भी दमदार कूलिंग और 2026 की नई स्टार रेटिंग के साथ बेजोड़ बिजली बचत  नई दिल्ली : टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में 50 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एसर ग्रुप की कंपनी, एसरप्योर इंडिया ने आज राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपनी लेटेस्ट ‘एसरप्योर चिल नियो’ स्प्लिट इन्वर्टर एसी सीरीज लॉन्च करने की घोषणा की। पिछले पांच दशकों से एसर अपनी इंजीनियरिंग उत्कृष्टता, विश्वसनीयता और अत्याधुनिक नवाचार के लिए वैश्विक स्तर पर जाना जाता रहा है। इसी भरोसे और विरासत को आगे बढ़ाते हुए, एसरप्योर अब अपने विस्तृत होते ‘कंज्यूमर अप्लायंसेज’ पोर्टफोलियो के जरिए भारतीय घरों में शानदार परफॉर्मेंस और स्मार्ट डिजाइन का अनुभव पेश कर रहा है। इस भव्य लॉन्च इवेंट के दौरान एसर इंडिया के चीफ बिजनेस ऑफिसर सुधीर गोयल, एसरप्योर इंडिया के डायरेक्टर वासुदेव जी, सेल्स हेड रोहित जुत्शी, एपीएसी कंज्यूमर बिजनेस हेड लियोनार्ड यांग, ग्रुप प्रोडक्ट हेड क्रिस जॉर्ज और प्रोडक्ट मैनेजर अभिरूप घोष सहित कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। नई सीरीज में कुल सात मॉडल शामिल हैं: 1 टन – 3 स्टार 1 टन – 5 स्टार 1.5 टन – 3 स्टार (4800W) 1.5 टन – 3 स्टार (5100W) 1.5 टन – 5 स्टार 2.0 टन – 3 स्टार 2.0 टन – 5 स्‍टार  भीषण गर्मी में भी बेजोड़ कूलिंग नियो सीरीज को खास तौर पर इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह 58°C जैसे अत्यधिक तापमान में भी प्रभावी कूलिंग दे सके। यह खूबी इसे भारतीय गर्मियों की तपिश के लिए सबसे उपयुक्त बनाती है। इन एसी में 100% कॉपर कंडेंसर और इवैपोरेटर कॉइल का उपयोग किया गया है, जो न केवल बेहतर हीट ट्रांसफर सुनिश्चित करते हैं बल्कि लंबे समय तक टिकाऊ भी रहते हैं। कॉपर कॉइल अपनी मजबूती, जंग-रोधी क्षमता और आसान रखरखाव के लिए जानी जाती हैं, जो भारत की विविध जलवायु परिस्थितियों के लिए एकदम सही हैं। इसके साथ ही, इसमें एडवांस DOC सेंसर सिस्टम दिया गया है। यह सिस्टम यूनिट के भीतर तापमान की लगातार निगरानी करता है, जिससे एसी बिना किसी रुकावट के स्थिरता और भरोसे के साथ काम करता रहता है।  बिजली और पैसों की बचत का सही मेल नियो सीरीज के नए मॉडल 2026 ISEER स्टार रेटिंग के कड़े मानकों के अनुरूप तैयार किए गए हैं। ये मॉडल पिछले स्टार-रेटेड मॉडल्स की तुलना में कहीं अधिक ऊर्जा दक्ष हैं। नई रेंज न केवल बेहतर परफॉर्मेंस देती है, बल्कि बिजली की खपत को प्रभावी ढंग से मैनेज करने में भी मदद करती है, जिसका सीधा और सकारात्मक असर उपभोक्ताओं के बिजली बिल पर पड़ता है। ‘आइस ब्लास्ट‘ मोड: गर्मी से तुरंत राहत नियो सीरीज की एक बड़ी खासियत इसका ‘आइस ब्लास्ट’ मोड है, जिसे सिर्फ एक बटन दबाकर सक्रिय किया जा सकता है। इसे ऑन करते ही एसी अपनी पूरी क्षमता और तेज फैन स्पीड पर काम करने लगता है, जिससे भीषण गर्मी के दौरान भी कमरा मिनटों में ठंडा हो जाता है। 7-इन-1 कन्वर्टिबल टेक्नोलॉजी: जैसी जरूरत, वैसी कूलिंग इस सीरीज में 7-इन-1 कन्वर्टिबल कूलिंग फीचर दिया गया है, जो यूजर्स को अपनी जरूरत और कमरे के आकार के हिसाब से कूलिंग क्षमता को सात अलग-अलग स्तरों पर सेट करने की सुविधा देता है। यह लचीलापन न केवल आरामदायक कूलिंग सुनिश्चित करता है, बल्कि बिजली के बेवजह इस्तेमाल को भी रोकता है। यानी, अब आप अपनी सुविधा से समझौता किए बिना स्मार्ट तरीके से बिजली बचा सकते हैं। आसान रखरखाव के लिए स्मार्ट डिजाइन लंबे समय तक बेहतरीन परफॉर्मेंस बनाए रखने के लिए नियो सीरीज में ‘सेल्फ-क्लीन’ टेक्नोलॉजी दी गई है। बस एक बटन दबाते ही यह फीचर इनडोर यूनिट के इवैपोरेटर कॉइल पर जमी धूल और गंदगी को साफ कर देता है। इसके अलावा, इन एसी के फिल्टर्स को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इन्हें आप खुद आसानी से निकाल और साफ कर सकते हैं। इसके लिए आपको हर बार सर्विस टेक्नीशियन पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी। चुनिंदा मॉडल्स में ‘4-वे स्विंग’ फीचर भी मिलता है, जो हवा को ऊपर-नीचे और दाएं-बाएं चारों ओर समान रूप से फैलाता है, जिससे पूरे कमरे में एक जैसी ठंडक बनी रहती है। साथ ही, हर यूनिट का लुक काफी मॉडर्न और आकर्षक है, जो आपके घर की खूबसूरती बढ़ाने के साथ-साथ दमदार परफॉर्मेंस भी देता है। लॉन्च के अवसर पर एसर इंडिया के चीफ बिजनेस ऑफिसर, श्री सुधीर गोयल ने कहा, “हमारी नई एसरप्योर स्प्लिट इन्वर्टर एसी रेंज का लॉन्च भारत में एक मजबूत और व्यापक होम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम बनाने की दिशा में हमारा एक और बड़ा कदम है। एसर की पांच दशकों की इंजीनियरिंग उत्कृष्टता और भरोसेमंद नवाचार की विरासत के साथ, हम भारतीय उपभोक्ताओं की खास जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए उपकरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। नियो सीरीज के जरिए हम दमदार कूलिंग, स्मार्ट बिजली प्रबंधन और ‘7-इन-1 कन्वर्टिबल’ व ‘आइस ब्लास्ट’ मोड जैसे यूजर-फ्रेंडली फीचर्स को एक साथ ला रहे हैं। हमारा लक्ष्य एसरप्योर को आधुनिक भारतीय परिवारों के लिए एक भरोसेमंद और ‘फ्यूचर-रेडी’ होम टेक्नोलॉजी पार्टनर के रूप में स्थापित करना है।” एसरप्योर इंडिया के डायरेक्टर, श्री वासुदेव जी ने आगे बताया, “नियो रेंज को खास तौर पर भारतीय मौसम और यहाँ की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। 58°C तक की हैवी-ड्यूटी कूलिंग से लेकर ‘सेल्फ-क्लीन’ तकनीक और एडवांस डीओसी सेंसर तक, इसके हर फीचर को भरोसेमंद प्रदर्शन और बिजली की बचत के लिए इंजीनियर किया गया है। हमारा पूरा फोकस इस बात पर है कि उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी में भी बिना किसी रुकावट के आरामदायक ठंडक मिलती रहे।” इन सात नए मॉडल्स के साथ एसरप्योर इन्वर्टर एसी सेगमेंट में अपनी पकड़ और मजबूत कर रहा है। कंपनी का उद्देश्य भारतीय ग्राहकों की बदलती जरूरतों के अनुसार स्मार्ट और ऊर्जा-कुशल कूलिंग समाधान उपलब्ध कराना है। कीमत और उपलब्धता एसरप्योर चिल नियो स्प्लिट इन्वर्टर एसी रेंज की शुरुआती कीमत 29,990 रूपए रखी गई है (चुनिंदा मॉडलों के लिए)। ये एसी अमेज़न, एसर एक्सक्लूसिव स्टोर्स, एसरप्योर कनेक्ट, एसर प्लाजा, एसरप्योर ऑनलाइन स्टोर और अन्य प्रमुख रिटेल स्टोर्स पर बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे।

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Goa has to evolve as a most favourite destination of spiritual tourism too. Says Union Cabinet Minister Chirag Paswan at Goa Spiritual Festival.

Goa has to regain its popularity as an ideal destination for spiritual tourism also, due to its  ancient cultural heritage. Now, we have to focus on- “Vikas ke Sath Virasat” especially when India is emerging as a global economic power envisioned by the Hon’ble Prime Minister Shri Narendra Modi under “Viksit Bharat @ 2047” pointed out by the Hon’ble Minister of Food Processing Industries Govt of India, Shri Chirag Paswan at Goa Spiritual Festival (February 19-24, 2026). Along with the eminent saints, He also participated in auspicious ‘Samudra Aarti’ which was an integral part of Goa Spiritual Festival in Calangute Goa. The Hon’ble Minister was welcomed by HH Sadguru Brahmeshanand Acharya Swamiji along with other revered saints and the hon’ble minister of Tourism Goa, Shri Rohan Khaunte. Complimenting the organisers, Satguru Foundation for holding six-day event, the Union Cabinet Minister reinforced that initiatives such as holding Goa Spiritual Festival consolidates its tourism brand of the state with new dimension i.e; spiritual tourism. While appreciating the state govt. for extending the meaningful support for this event, he pointed out that now the time has come to attract Indian and foreigners for spiritual tourism and holistic wellness of the humanity altogether. This is an effort to preserve and protect our cultural heritage especially for new generation, which is drifting away from India’s actual identity due to western influence. Hon’ble Minister mentioned that he is not attending the function in the capacity as a Minister but as a devotee. He asked the people to visit Goa not only for the entertainment but visit Goa for its cultural and religious identity. Speaking on the occasion Mahant Ravindran Puriji said that Goa is a land of Lord Parshuram. It is a matter of appreciation that Goa is evolving as Yog Bhoomi instead of Bhog Bhumi. Unprecedented efforts of the state government are commendable in infra structure development and preserving of ancient legacy of the state, he added. Welcoming the guests, HH Sadguru Brahmeshanand Acharya Swami expressed his happiness over the response received from the State Government and a large number spiritual Gurus and Goans in the festival. He stressed upon the need to inculcate spiritual values among the new generation and holistic development of the people. He said that Goa is land of “Gaumata and Gau-Culture” which is relevant in the contemporary age of AI in view of the adverse impact of AI driven new technologies. He conveyed special appreciation to the Hon’ble Chief Minister of Goa Dr. Pramod Sawant for his outstanding contribution not only in socio-economic development of the state but also in protecting spiritual heritage. The distinguished dais was graced by Jagadguru Shankaracharya Swami Shri Gyananand Tirth Ji – Peethadhishwar, Bhanpura, Madhya Pradesh; Mahant Ravindrapuri Swamiji – President, Akhil Bharatiya Akhada Parishad; Jagadguru Satpanthacharya Shri Gyaneshwardevacharyaji Maharaj – Tirthdham Preranapeeth, Ahmedabad, Gujarat; Mahamandaleshwar Swami Dharmadev Maharaj Ji – Head, Hari Mandir Ashram & Sanskrit Mahavidyalaya, Haryana; Mahamandaleshwar Shri Janardan Hari Swamiji – Treasurer, Akhil Bharatiya Sant Samiti, Maharashtra; Anant Shri Vibhushit Shri Shri 108 Taponishtha Agnihotri Pujya Swami Sampurnanand Brahmachariji – Secretary, Agni Akhada; Goswami Sushil Maharaj Ji – Bhrigu Peethadhishwar & National Coordinator, Bharatiya Sarvdharma Sansad, New Delhi; Mahamandaleshwar Narayananand Giriji Maharaj – Chennai; Sanatan Dharmabhushan Dr. Rajrajeshwar Guruji – Head, International Siddhashram Shakti Center, London (UK); Mahamandaleshwar Swami Ashutoshanand Ji – Kailas Math, Kashi; Anantbodh Chaitanya Swamiji – Founder, Sanatan Dhara Foundation, Europe; Mahamandaleshwar Radhe Radhe Babaji – Joint National General Secretary, Akhil Bharatiya Sant Samiti; Anant Shri Vibhushit Bhupendragiri Ji – Haridwar; Sant Shri Gopal Chaitanyaji Maharaj – Shri Vrindavan Dham Pal, Maharashtra; Swami Shri Anantanand Ji – Haridwar; Mahamanishi Shri Niranjan Swamiji – Head, Purusharth Ashram Seva Trust, Haridwar, along with Goa Tourism Minister Rohan Khaunte, Deputy Speaker of Goa Legislative Assembly Joshua D’Souza, Calangute MLA Michael Lobo, Vasco MLA Krishna Salkar, Pernem MLA Pravin Arlekar, Satguru Foundation President Adv. Brahmidevi ji and many other distinguished dignitaries from various fields.

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इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 : वैश्विक सहयोग की नई दिशा

नई दिल्ली में 18-21 फरवरी को आयोजित इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 अभूतपूर्व सफलता के साथ संपन्न हुआ। इस शिखर सम्मेलन का सबसे बड़ा परिणाम रहा नई दिल्ली घोषणा का सर्वसम्मति से अंगीकरण, जिसे 88 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन प्राप्त हुआ। यह घोषणा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण के लिए उपयोग करने पर वैश्विक सहमति का प्रतीक है। यह दर्शाता है कि दुनिया एआई को केवल तकनीकी प्रगति का साधन नहीं, बल्कि मानवता के साझा हितों के लिए एक शक्ति मान रही है। “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” (सबका कल्याण, सबकी खुशी) के सिद्धांत से प्रेरित यह घोषणा इस बात पर ज़ोर देती है कि एआई के लाभों को पूरी मानवता के साथ समान रूप से साझा किया जाए। मुख्य बिंदु: 88 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन आर्थिक विकास और सामाजिक भलाई पर केंद्रित दृष्टिकोण एआई के लाभों का समान वितरण सुनिश्चित करने का संकल्प भारतीय दर्शन से प्रेरित वैश्विक सहयोग का संदेश

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AI SUMMIT : एआई के क्षेत्र में बिहार के नवाचार देखकर दुनिया दंग

एक बड़े तकनीकी विकास की तरफ अग्रसर हो चुका है बिहार केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने भी की सराहना नई दिल्ली : देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान करते हुए बिहार ने टेक्नोलाजी की दुनिया में भी बेहद मजबूती के साथ अपना कदम रखा है। नई दिल्ली स्थित प्रगति मैदान के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में बिहार पैवेलियन न सिर्फ देश के विकसित राज्यों के, बल्कि दुनिया भर से आए टेक विशेषज्ञों के बीच आकर्षण का केंद्र बन चुका है। यहाँ एआई के इस्तेमाल की जो झलक पेश की गई है, उसे देखकर दुनिया दंग है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट एंड एक्सपो 2026 के समापन दिवस पर शनिवार को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के माननीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने बिहार पैवेलियन का दौरा किया। अपने भ्रमण के दौरान माननीय मंत्री ने राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार द्वारा प्रदर्शित एआई-सक्षम चुनावी नवाचारों की सराहना की। इन नवाचारों में सुरक्षित ई-वोटिंग समाधान तथा नागरिक-केंद्रित मोबाइल अनुप्रयोग विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहे। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी आधारित पारदर्शी और सुरक्षित चुनावी प्रणाली लोकतंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बिहार द्वारा प्रस्तुत डिजिटल पहलों से यह स्पष्ट है कि राज्य सुशासन और तकनीकी नवाचार के माध्यम से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी एवं सहभागी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का दायरा अब केवल तकनीक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह भारत के बुनियादी क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग लेने अमेरिका के कैलिफोर्निया से आए महेश ने विभिन्न क्षेत्रों में एआई के भविष्य और इसके सामाजिक प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की। महेश बिहार के नवगछिया के रहने वाले हैं और उनका जन्म से लेकर उनकी शिक्षा-दीक्षा बिहार में ही हुई है। उनकी कंपनी टाइगर एनालिटिक्स के साथ बिहार सरकार ने विगत मंगलवार को ही एमओयू पर हस्ताक्षर किये हैं। उन्होंने कहा कि एआई के जरिये बिहार मुख्यत: कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़े बदलाव की तरफ बढ़ चुका है। बिहार के किसान करेंगे अब “स्मार्ट खेती” महेश बताते हैं कि कृषि के लिए बिहार अब “स्मार्ट खेती” की तरफ अग्रसर है। एआई किसानों के लिए एक डिजिटल सलाहकार के रूप में उभर रहा है। सेंसर और सैटेलाइट डेटा के जरिए किसान मिट्टी की नमी, पोषक तत्वों और फसल के स्वास्थ्य की रीयल-टाइम निगरानी कर सकेंगे। किसान ई-मित्र जैसे एआई चैटबॉट और मोबाइल ऐप फोटो के जरिए फसल की बीमारियों को पहचान कर उनका समाधान बता रहा है। इतना ही नहीं, एआई आधारित मॉडल मौसम की सटीक भविष्यवाणी करते हैं और किसानों को बाजार भाव का पूर्वानुमान बताकर बेहतर कमाई में मदद करेंगे। एआई से होगी बीमारियों की पहचान और इलाज इसी तरह स्वास्थ्य के क्षेत्र में “हर घर तक इलाज” के लिए एआई अस्पताल की दूरी और सुविधाओं की कमी को खत्म कर रहा है। अब बीमारियों का त्वरित इलाज के लिए उपकरण जैसे एक्सरे और सीटी स्कैन का कुछ क्षणों में ही विश्लेषण कर टीबी और फेफड़ों के कैंसर जैसी बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। इसी तरह, एआई संचालित स्टेथोस्कोप और थर्मल इमेजिंग से ग्रामीण क्षेत्रों में हृदय रोग और ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती जांच संभव हो रही है। एआई से बढ़ेगी छात्रों में सीखने की क्षमता एक अन्य प्रतिभागी दीपक बताते हैं कि शिक्षा के क्षेत्र में एआई हर छात्र की सीखने की क्षमता के हिसाब से बदलाव ला रहा है। उन्होंने बताया कि बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों और पोलिटेक्निक संस्थानों के 10 से 20 हजार छात्रों को एआई के क्षेत्र में दक्ष बनाया जाएगा। उन्हें इंटर्नशिप देकर कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में एआई के इस्तेमाल के लिए तैयार किया जाएगा। बहुभाषी रोबोट देगा किसी भी भाषा में आपके सवालों का जवाब बिहार पैवेलियन में बहुभाषी रोबोट सबके आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस रोबोट के जरीय रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों या होटलों में रेसेप्सनिस्ट का काम लिया जा सकता है। यह रोबोट दुनिया की किसी भी भाषा में बात कर सकता है और उससे बात करने वालों के सभी सवालों का उनकी ही भाषा में जवाब दे सकता है। बिहार पैवेलियन में एआई के ऐसे संसाधन भी मौजूद हैं जो बिना बिना मानव बल के कचरा साफ़ करने, बड़े-बड़े नालों की सफाई में सक्षम है। लोकतंत्र का आधुनिकीकरण बिहार पैवेलियन में मौजूद बिहार सरकार के निर्वाचन विभाग के अधिकारियों ने लोकतंत्र के सबसे बड़े त्यौहार यानी चुनाव को पूरी तरह निष्पक्ष बनाने में एआई के इस्तेमाल की जानकारी देते हुए बताया कि चुनाव में मतगणना को लेकर कई तरह के आरोप-प्रत्यारोप से अब जल्द ही मुक्ति मिलने वाली है। उन्होंने मतगणना में एआई के इस्तेमाल की जानकारी देते हुए बताया कि मतगणना को निष्पक्ष बनाने के लिए बिहार एआई के इस्तेमाल के लिए तैयार है। इसमें एआई के जरिये मतगणना स्थल के अंदर की सभी जानकारी मतगणना स्थल के बाहर खड़े लोग देख सकते हैं। इतना ही नहीं, मतदान केंद्रों पर विसंगतियों और सुरक्षा की निगरानी के लिए भी अब एआई आधारित सर्विलांस का उपयोग किया जा सकता है।

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‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट एंड एक्सपो -2026’ : पूर्वोत्तर भारत में आईटी हब के रूप में विकसित होगा बिहार 

-100 से अधिक देशों की बड़ी आईटी व एआई कंपनियों से रूबरू होंगी बिहार की आईटी व एआई कंपनियां देश की राजधानी नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट एंड एक्सपो 2026’ का आयोजन 16 से 20 फरवरी तक होने जा रहा है। इस समिट में बिहार की उपस्थिति ने दुनिया को यह सन्देश दिया है कि बिहार पूर्वोत्तर भारत के आईटी हब के रूप में विकसित होने के मार्ग पर अग्रसर है। विदित हो कि बिहार सरकार ने हाल ही में बिहार जीसीसी पॉलिसी,2026 और बिहार सेमीकंडक्टर पॉलिसी,2026 को मंजूरी दी है। इस समिट में बिहार पैवेलियन का उद्घाटन मंगलवार को राज्य के माननीय उप मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी करेंगे। इस मौके पर केन्द्रीय पंचायती राज मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ़ ललन सिंह मुख्य अतिथि होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता केन्द्रीय कपड़ा मंत्री श्री गिरिराज सिंह करेंगे जबकि बिहार की सूचना प्रावैधिकी मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह सहित बिहार के माननीय सांसदों एवं गणमान्य लोगों की गरिमामयी मौजूदगी रहेगी। ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट एंड एक्सपो 2026’ में बिहार पैवेलियन को भारत मंडपम के हॉल 5-एफ में स्टाल संख्या 8 और 12 में स्थापित किया गया है। बिहार पैवेलियन का पूरा प्रबंधन बिहार सरकार के सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव श्री अभय कुमार सिंह और विशेष सचिव श्री अरविन्द कुमार चौधरी अपनी देखरेख में कर रहे हैं। इस दौरान बिहार सरकार के द्वारा नवाचार एवं रोजगार सृजन को बढ़ावा देने हेतु महत्वपूर्ण घोषणा भी की जाएगी। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट एंड एक्सपो 2026 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी दुनिया की बड़ी कंपनियां हिस्सा लेने जा रही हैं। इस पांच दिवसीय आयोजन में 100  से ज्यादा देशों ने हिस्सा लेने की पुष्टि की है। इसमें गूगल, एनवीडिया और ओपनएआई जैसी कई दिग्गज कंपनियां शामिल हैं।  साथ ही इन कंपनियों के शीर्ष अधिकारी भी कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य एआई इकोसिस्टम से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाना और उन्हें आपस में जोड़ना है। इस दौरान बिहार के इनोवेटर्स को भी अपनी तकनीक और क्षमताएं दिखाने का मौका मिलेगा। एक्सपो में स्टार्टअप्स और निवेशकों को जोड़ने के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।

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‘ओ’ रोमियो’ में तृप्ति डिमरी बनीं सबसे बड़ा सरप्राइज़, लेडी हिटमैन के रूप में जीता दिल

औ रोमियो बड़े पर्दे पर दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन चुकी है। फिल्म में शहीद कपूर अपने अलग और तीखे अंदाज़ से प्रभावित करते हैं, वहीं तृप्ति डिमरी अपने दमदार अभिनय से सभी को चौंका देती हैं। अफ़्शा के किरदार में तृप्ति अपनी अब तक की कोमल छवि से बाहर निकलती नज़र आती हैं। वह नाज़ुकता और मजबूती का सुंदर संतुलन प्रस्तुत करती हैं। पति की हत्या के बाद बदले की आग में जलती एक विधवा से लेडी हिटमैन बनने तक का उनका सफ़र शांत, संयमित लेकिन बेहद प्रभावशाली है। यह शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की पहली फ़िल्म है, लेकिन उनकी जोड़ी कहीं से भी नई नहीं लगती। दोनों के बीच का तालमेल स्वाभाविक और मज़बूत महसूस होता है। निर्देशक विशाल भारद्वाज ने तृप्ति के किरदार को पूरी मज़बूती के साथ प्रस्तुत किया है। ओ’ रोमियो तृप्ति के अभिनय करियर में एक और अहम और यादगार फ़िल्म साबित होती है। फ़िल्म में अविनाश तिवारी, विक्रांत मस्सी, तमन्ना भाटिया, नाना पाटेकर और फरीदा जलाल भी अहम भूमिकाओं में नज़र आते हैं। फ़िल्म सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो चुकी है।

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Stellantis–Tata Motors Mark 20 Years, Sign MOU for Future Collaboration

More than 1.37 Million vehicles produced since the beginning of the partnership 50/50 JV today employs almost 5,000 and produces 222,000 vehicles/year 4 Jeep and 3 Tata Motors PVs are currently produced at the JV Plant Pune— Stellantis, a leading global automaker, and Tata Motors Passenger Vehicles, India’s leading manufacturer of cars and SUVs, commemorated 20-years of successful partnering viatheir 50:50 joint venture,Fiat India Automobiles Private Limited (FIAPL). To mark the occasion, both companies signed a Memorandum of Understanding (MoU) today to explore further opportunities for collaboration across manufacturing, engineering and supply chain in India and overseas. Building on this successful partnership and leveraging Stellantis’ global expertise and Tata Motors Passenger Vehicles’ deep local capabilities, FIAPL has developed robust strength across manufacturing, powertrain, and supply‑chain excellence, laying a strong foundation for expanding future collaboration. Speaking on the milestone and the opportunity ahead, Grégoire Olivier, Chief Operating Officer of Stellantis Asia Pacific, said: “FIAPL stands as a testament to what two strong organizations can achieve together. As we commemorate this milestone, we remain focused on evolving the partnership to support future-ready manufacturing, innovation, and sustainable growth in the region.” Shailesh Chandra, Managing Director & CEO, Tata Motors Passenger Vehicles, added: “Our partnership with Stellantis through FIAPL reflects the strength of a long-standing collaboration built on trust, shared values and a common vision. We look forward to deepening this relationship with Stellantis in theyears ahead.”

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Essential skills to learn for balance on a kayak or canoe

By : Sh. Balbeer Singh Kushwaha Kayak Balance Skills Balancing a kayak is an essential skill for both beginners and experienced paddlers. It requires a combination of core strength, body awareness, and proper technique. The key is to keep your body relaxed while maintaining a low center of gravity, allowing the kayak to move naturally with the water. Small adjustments with your hips and torso help stabilize the boat, especially in waves or currents. Practicing edging—tilting the kayak slightly to one side—improves control and confidence. Over time, balance becomes instinctive, enabling smoother paddling, safer maneuvering, and greater enjoyment of the sport in diverse water conditions. Knee placement: Keep your knees bent and weight centered over the kayak. Edge control: Learn to control the kayak’s edge to maintain balance and stability. Paddle support: Use your paddle to help stabilize the kayak, especially in rough waters. Weight shifting: Practice shifting your weight to adjust the kayak’s balance and stability. Bracing: Learn to use your paddle to brace yourself in case of a tip or lean. Canoe Balance Skills Balancing a canoe requires steady posture, core strength, and smooth coordination. Unlike kayaks, canoes are wider but less stable when weight shifts suddenly. Paddlers should sit or kneel centrally, keeping movements controlled and deliberate. Gentle hip adjustments help maintain equilibrium, while teamwork between paddlers ensures stability in currents or waves. Seating position: Sit comfortably with your weight centered in the canoe. Knee grip: Keep your knees slightly bent and gripping the canoe for stability. Weight distribution: Balance your weight and gear evenly in the canoe. Paddle control: Use your paddle to help stabilize the canoe and maintain direction. Lean and recovery: Learn to lean into turns and recover smoothly to maintain balance. General Balance Tips Maintaining good balance is essential for everyday movement and overall fitness. To improve stability, focus on strengthening your core muscles, as they provide the foundation for controlled motion. Practice standing on one leg or using balance boards to challenge coordination. Keep your posture upright, shoulders relaxed, and eyes forward to enhance body awareness. Breathing steadily helps reduce tension and maintain focus. Regular stretching and mindful movement also support flexibility, ensuring smoother transitions and greater confidence in dynamic activities. Practice in calm waters: Start in calm waters and gradually move to more challenging conditions. Stay relaxed: Keep your muscles relaxed and flexible to adjust to changing conditions. Focus on your center of gravity: Keep your weight centered over the kayak or canoe. Practice, practice, practice: The more you practice, the better your balance and stability will become. By mastering these skills, you’ll be able to enjoy a more stable and confident paddling experience on both kayaks and canoes.

Sports Arena

खेल जगत की ताज़ा हलचल

फ़रवरी 2026 का महीना खेल प्रेमियों के लिए बेहद रोमांचक रहा है। क्रिकेट, कुश्ती, एथलेटिक्स और टेनिस जैसे कई खेलों में बड़े आयोजन हुए हैं, जिनमें भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। क्रिकेट – T20 विश्व कप 2026 भारत ने नामीबिया को दिल्ली में 93 रनों से हराकर टूर्नामेंट में अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की। ईशान किशन और हार्दिक पंड्या ने शानदार बल्लेबाज़ी की, जबकि वरुण चक्रवर्ती ने गेंदबाज़ी में तीन विकेट लिए। इस जीत से भारत का आत्मविश्वास बढ़ा है, लेकिन स्पिन गेंदबाज़ी के खिलाफ टीम की कमजोरियाँ उजागर हुईं। अब सबकी नज़र पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले पर है। वहीं, इटली ने नेपाल को हराकर अपना पहला T20 विश्व कप मैच जीतकर इतिहास रच दिया। महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) ने WPL 2026 का खिताब जीतकर महिला क्रिकेट में नई ऊँचाई हासिल की। यह जीत महिला क्रिकेट के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है और भारतीय महिला खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को मज़बूत करती है। कुश्ती – ज़ाग्रेब ओपन 2026 क्रोएशिया में आयोजित ज़ाग्रेब ओपन कुश्ती टूर्नामेंट में भारतीय पहलवानों ने 14 पदक जीते। इनमें पेरिस ओलंपिक्स के कांस्य पदक विजेता अमन सेहरावत और सुजीत भी शामिल रहे। यह प्रदर्शन भारतीय कुश्ती की वैश्विक ताक़त को दर्शाता है। एथलेटिक्स – एशियन इंडोर चैम्पियनशिप भारत के तेजस्विन शंकर ने पुरुष हेप्टाथलॉन में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। भारत ने इस प्रतियोगिता में कुल पाँच पदक हासिल किए। यह उपलब्धि भारतीय एथलेटिक्स के लिए प्रेरणादायक है। टेनिस और अन्य खेल ऑस्ट्रेलियन ओपन पुरुष एकल फाइनल और एशियन शूटिंग चैम्पियनशिप भी इस महीने सुर्खियों में रहे। इन आयोजनों ने खेल जगत को और अधिक विविधता और उत्साह प्रदान किया। फ़रवरी 2026 का खेल परिदृश्य भारत के लिए बेहद सफल रहा है। क्रिकेट, कुश्ती और एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। आने वाले दिनों में T20 विश्व कप और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएँ खेल प्रेमियों को और भी रोमांचक पल देंगी।

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दिल्ली बिज़नेस बज़ : समिट, बंद और बाज़ार की हलचल

दिल्ली इन दिनों व्यापारिक गतिविधियों और आर्थिक चर्चाओं का केंद्र बनी हुई है। राजधानी में आयोजित ग्लोबल बिज़नेस समिट 2026 और हाल ही में घोषित भारत बंद ने व्यापार जगत को गहराई से प्रभावित किया है। साथ ही, सोने-चाँदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। आइए विस्तार से देखते हैं कि दिल्ली के व्यापारिक परिदृश्य में क्या हलचल है। ग्लोबल बिज़नेस समिट 2026 13–14 फ़रवरी को दिल्ली में आयोजित ET Now ग्लोबल बिज़नेस समिट एशिया का सबसे बड़ा नेतृत्व मंच साबित हुआ। इसमें दुनिया भर के उद्योगपति, नीति-निर्माता और निवेशक शामिल हुए। चर्चा का मुख्य विषय था तकनीकी बदलाव, भू-राजनीतिक चुनौतियाँ और पूँजी का पुनर्वितरण। इस सम्मेलन ने भारत को वैश्विक व्यापारिक मानचित्र पर और मज़बूत स्थिति दिलाई। भारत बंद का असर 12 फ़रवरी को दिल्ली समेत पूरे देश में भारत बंद का आयोजन हुआ। 10 से अधिक ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों ने केंद्र की नीतियों के विरोध में यह कदम उठाया। दिल्ली में बैंकों, परिवहन और कुछ सरकारी कार्यालयों पर इसका असर देखने को मिला। व्यापारिक गतिविधियाँ धीमी रहीं और बाज़ारों में ग्राहक कम दिखाई दिए। अनुमान है कि इस बंद से करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ। सोना-चाँदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव दिल्ली में सोने और चाँदी की कीमतें लगातार बदल रही हैं। 11 फ़रवरी को 24 कैरेट सोना लगभग ₹1,58,790 प्रति 10 ग्राम पर रहा, जबकि चाँदी ₹2,90,000 प्रति किलो के आसपास रही। निवेशक वैश्विक संकेतों और घरेलू मांग पर नज़र रख रहे हैं। शादी-ब्याह के सीज़न में इन कीमतों का सीधा असर ज्वेलरी कारोबार पर पड़ा है। दिल्ली का व्यापारिक माहौल इस समय मिश्रित है। एक ओर ग्लोबल बिज़नेस समिट ने भविष्य की संभावनाओं को उजागर किया है, वहीं भारत बंद और सोने-चाँदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने बाज़ार को अस्थिर किया है। आने वाले हफ्तों में यह देखना दिलचस्प होगा कि दिल्ली का व्यापार जगत इन चुनौतियों और अवसरों का सामना कैसे करता है।

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